डीडीयू के मनोविज्ञान विभाग और सीआरसी के बीच हुआ एमओयू
गोरखपुर। दिव्यांगता पुनर्वास में शोध और सेवाओं की बेहतरी के लिए दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय और सीआरसी गोरखपुर और के बीच बृहस्पतिवार को एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार व राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान, देहरादून के निर्देश पर यह एमओयू हुआ है। डीडीयू की कुलपति प्रो. पूनम टंडन और सीआरसी गोरखपुर के निदेशक जितेंद्र यादव ने समझौता ज्ञापन साझा किया। इसका उद्देश्य दिव्यांगता पुनर्वास के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के शोध कार्य एवं मानव संसाधन के आदान-प्रदान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सार्थक आयाम प्रदान करना है। साथ ही विश्वविद्यालय में अध्यनरत दिव्यांगजन छात्रों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक जीवन स्तर के बारे में आसानी से समझ विकसित करके उनका समावेशन समाज में करना है।
इस अवसर पर डीडीयू की अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दुबे, मनोविज्ञान विभाग के अध्यक्ष प्रो. धनंजय कुमार, सीआरसी से राजेश कुमार, विजय कुमार गुप्ता, नागेंद्र पांडेय आदि मौजूद रहे।