बड़हलगंज के विजय कुमार गुप्ता ने साइबर थाने में शुक्रवार को केस दर्ज कराया है। वह प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। विजय ने तहरीर में बताया कि उनके मोबाइल फोन पर पार्ट टाइम जॉब करके रुपये कमाने का एक विज्ञापन आया। उसे देखने के बाद उनके पास कॉल आई। बातचीत के बाद एक टेलीग्राम लिंक भेजा गया।
बड़हलगंज क्षेत्र के रहने वाले दंपती के साथ साइबर फ्रॉड का मामला सामने आया है। पति-पत्नी पार्ट टाइम जॉब और टास्क पूरा करने के चक्कर में करीब 16 लाख रुपये गंवा दिए। पीड़ित ने साइबर थाने में केस दर्ज कराया है। पुलिस साइबर जालसाजों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है।
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बड़हलगंज के विजय कुमार गुप्ता ने साइबर थाने में शुक्रवार को केस दर्ज कराया है। वह प्राइवेट कंपनी में जॉब करते हैं। विजय ने तहरीर में बताया कि उनके मोबाइल फोन पर पार्ट टाइम जॉब करके रुपये कमाने का एक विज्ञापन आया। उसे देखने के बाद उनके पास कॉल आई। बातचीत के बाद एक टेलीग्राम लिंक भेजा गया।
उस लिंक पर क्लिक कर एक टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ गए। इसमें कई लोगों के मैसेज आ रहे थे। उन्हें अच्छा मुनाफा भी हो रहा था। बताया गया कि पार्ट टाइम जॉब में रुपये निवेश कर अच्छा मुनाफा घर बैठे पा सकते हैं। इस लालच में पड़कर खाते से रुपये भेजकर टास्क पूरा करता रहा। इसके बाद पत्नी को भी इस जॉब में लगाया। पत्नी के खाते से भी रकम ट्रांसफर कर दी।
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साइबर फ्रॉड के शिकार
10 दिन तक ट्रांसफर करते रहे रुपये
दंपती ने 10 से लेकर 20 जुलाई तक कुल करीब 16 लाख रुपये पेटीएम और अन्य माध्यम से जमा किए। इसका बैंक स्टेटमेंट भी है। विजय ने बताया कि जब निवेश की गई धनराशि की वापस बैंक खाते में निकालनी चाही तब अधिक रुपये की मांग की गई।
बताया गया कि धनराशि निकालने से पहले रुपये जमा करने पड़ेंगे। तब पता चला कि साइबर फ्रॉड हो चुका है। विजय ने पुलिस को अज्ञात व्यक्तियों के मोबाइल नंबर भी दिए हैं। इन्हीं नंबरों से उनके पास कॉल आई थी, उन्हें टेलीग्राम ग्रुप में जोड़ा गया था।
इस संबंध में एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि केस दर्ज कर लिया गया है। अज्ञात नंबरों और संदिग्ध बैंक खातों की जांच की जा रही है। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए टीम जगह-जगह जागरूकता कार्यक्रम कर रही है। इसके अलावा व्हाट्सएप और सोशल मीडिया के माध्यम से भी जागरूक किया जाएगा।
साइबर फ्रॉड के शिकार
पहले भी आ चुके हैं मामले
केस 1
सितंबर 2024 में टास्क पूरा करने का झांसा देकर जालसाजों ने महिला से 4.05 लाख की ठगी कर ली थी। सिंघड़िया के गोरक्षनगर में रहने वाली गरिमा पाठक को व्हाट्सएप पर वर्क फ्रॉम होम के जरिये रोज टास्क पूरा कर रुपये कमाने का मैसेज मिला था।
बात करने पर मैसेज करने वाले ने उन्हें टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ लिया। टास्क पूरा कर जालसाजों ने कमीशन मिलने का झांसा दिया। रुपये देने की बात कहकर अलग-अलग खातों में 4.05 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए थे।
केस 2
सितंबर 2024 में विकासनगर कॉलोनी निवासी पूजा रानी का नाम अज्ञात व्यक्ति ने एक व्हाट्सएप ग्रुप लाइफ कम्युनिटी में जुड़वा दिया था। इसमें एक टास्क दिया जाता था। बताया गया था कि इसको पूरा करने पर रुपये मिलेंगे। शुरुआत में एक टास्क के 10 रुपये दिए जाते थे।
फिर ग्रुप में बताया कि ज्यादा रुपयों के लिए टेलीग्राम ग्रुप में जुड़ना पड़ेगा। इसके बाद ग्रुप में जोड़ा गया। विश्वास बढ़ने पर पहले 35 हजार रुपये लगाए और फिर एक लाख 60 हजार रुपये लगा दिया। इसके बाद जालसाजी की जानकारी हुई। रुपये पाने के लिए एक लिंक भेजा गया। जिस पर क्लिक करते ही कई बार में सात लाख 80 हजार रुपये अकाउंट से निकल गए थे।
साइबर जालसाजी से बचने के उपाय
- वॉलेट की जानकारी सुरक्षित रखें, पासवर्ड किसी को न बताएं।
- अज्ञात लिंक पर क्लिक करने से बचें।
- डिवाइस को अपडेट रखें और एंटी वायरस का उपयोग करें।
- क्रिप्टो करेंसी में निवेश से पहले, उसके बारे में अच्छी तरह जानकारी करें। निवेश के जोखिमों को समझे।
- निवेश से पहले किसी पंजीकृत निवेश विशेषज्ञ से सलाह लें।
- फेसबुक या अन्य किसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी विज्ञापन पर विश्वास न करें। सत्यता की जांच जरूर करें।