जीडीए ने नगर निगम के अधिशासी अभियंता से मांगा दुकानों का ब्योरा
गोरखपुर। आंबेडकर चौक से स्वामी विवेकानंद चौक मार्ग पर स्थित सेवायोजन कार्यालय परिसर की दुकानों पर संकट गहराने लगा है। नगर निगम द्वारा बनाई गई इन दुकानों को अब गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) हटाने की तैयारी कर रहा है।
भूतल की करीब 32 दुकानों के साथ प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल के निर्माण पर जीडीए ने सवाल उठाए हैं। निगम के अधिशासी अभियंता से तीन दिन के भीतर दुकानों का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। इसमें आवंटी के नाम, आवंटन का क्षेत्रफल और मासिक किराया जैसी जानकारी शामिल होगी। दरअसल, रेलवे स्टेशन रोड स्थित सिंचाई विभाग के नलकूप परिसर की 13.53 एकड़ जमीन पर 316 करोड़ रुपये से एकीकृत मंडलीय कार्यालय का निर्माण प्रस्तावित है। यह परियोजना ट्विन टॉवर की तर्ज पर तैयार की जानी है। इसके लिए सेवायोजन कार्यालय की लगभग पांच एकड़ जमीन की नीलामी के जरिए मौद्रीकरण करने की योजना है।
समस्या यह है कि मुख्य सड़क पर नगर निगम की दुकानों ने पूरी चौड़ाई घेर रखी है। अधिकारियों का कहना है कि इन दुकानों की वजह से जमीन की वास्तविक कीमत नहीं मिल पाएगी। यही कारण है कि अब इन दुकानों पर ध्वस्तीकरण की तलवार लटक रही है। हाल ही में कमिश्नर की अध्यक्षता में हुई बैठक में जीडीए और नगर निगम को संयुक्त सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। योजना के मुताबिक सेवायोजन कार्यालय परिसर की जमीन से 125 करोड़ रुपये जुटाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।