बरगदवां में खोदाई में भूमिगत केबल कटने से आपूर्ति हुई प्रभावित
उपभोक्ताओं ने राप्तीनगर उपकेंद्र पहुंच किया हंगामा
गोरखपुर। बरगदवां के पास सड़क की खोदाई के चलते अंडरग्राउंड केबल कटने से शनिवार शाम राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र की आपूर्ति ठप हो गई। इससे राप्तीनगर क्षेत्र में बिजली संकट खड़ा हो गया। करीब 20 हजार घरों से अधिक के उपभोक्ता बिजली-पानी के लिए तरस गए। उमसभरी गर्मी से परेशान उपभोक्ताओं ने शनिवार रात और रविवार सुबह राप्तीनगर उपकेंद्र में पहुंचकर हंगामा भी किया।
राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र बंद होने के बाद राप्तीनगर ओल्ड उपकेंद्र से वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली देने का प्रयास किया गया, लेकिन लोड ज्यादा होने के कारण बार-बार आपूर्ति ठप करनी पड़ी। शनिवार रात से बिजली संकट झेल रहे हैं। रविवार देर शाम तक आपूर्ति सामान्य नहीं हो सकी थी।
एफसीआई ट्रांसमिशन उपकेंद्र से राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र को भूमिगत केबल से आपूर्ति दी जाती है। सेतु निगम का ठेकेदार बरगदवां में सड़क का काम करा रहा है। उसने बिना अभियंताओं को सूचना दिए खोदाई शुरू करा दी। इसमें भूमिगत केबल कट गया। इसके बाद राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र से आपूर्ति ठप हो गई। किसी तरह केबल ठीक किया गया तो भगवानपुर में दो जगह केबल में धमाका हो गया।
जानकारी के मुताबिक, राप्तीनगर न्यू उपकेंद्र तक 33 हजार वोल्ट की दो भूमिगत लाइन बिछाई गई है। एक लाइन पिछले दिनों खराब हो गई थी। तब दूसरी लाइन से आपूर्ति दी गई, लेकिन इस लाइन को ठीक नहीं कराया गया। शनिवार को एक लाइन कट गई तब पता चला कि दूसरी लाइन भी खराब है। यदि इस लाइन को ठीक करा दिया गया होता तो उपभोक्ताओं को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ता। उपभोक्ताओं का कहना है कि रोस्टर के तहत विभाग का बिजली देने का दावा किया गया है, लेकिन दो से तीन घंटे ही बिजली मिली।
राप्तीनगर संदीप श्रीवास्तव ने बताया कि बिजली की आवाजाही ने परेशान कर दिया है। गर्मी से बुरा हाल है। सबसे अधिक दिक्कत रात में हुई। गर्मी के कारण पूरी रात जागते हुए बीती है। गृहिणी सुषमा ने बताया कि बिजली के कारण सबसे अधिक परेशानी पानी को लेकर हुई। पानी की आपूर्ति प्रभावित होने से दैनिक दिनचर्या भी प्रभावित रही।