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Gorakhpur News: शौचालय का भी शुरू हुआ निर्माण, बैरक के बाहर व भीतर रखे गए डस्टबिन

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18 घंटे चल रहा काम, एक सप्ताह के भीतर सभी समस्याओं से मिल जाएगी निजात
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डीआईजी व सेनानायक लगातार महिला रिक्रूटों से साध रहे संपर्क, ले रहे क्लास
बाहरी लोगों को महिला प्रशिक्षुओं से मिलने पर लगाई गई रोक
गोरखपुर। महिला रिक्रूटों के हंगामे के बाद पीएसी आरटीसी (रीजनल ट्रेनिंग सेंटर) में लगातार 18 घंटे मरम्मत का काम चल रहा है। बिजली, पंखे, कूलर के बाद अब शौचालय का भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। इधर, चार दिन से कैंप कर रहे डीआईजी पीएसी अरुण कुमार भी शनिवार को लखनऊ रवाना हो गया। डीआईजी के जाने के बाद प्रभारी कमांडेंट निहारिका शर्मा सुबह और शाम महिला रिक्रूटों से बात कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रही हैं।
बुधवार को आरटीसी परिसर में महिला रिक्रूटों ने अव्यवस्थाओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। आरोप था कि उन्हें समय से न तो भोजन मिलता है न तो साफ पानी। गंदगी का अंबार होने के साथ ही गर्मी में कूलर पंखे की कमी भी होने का आरोप लगाया था। इसके साथ ही शौचालयों की स्थिति खराब और कम संख्या होने की बात कही थी। हंगामें के बाद शासन ने पीएसी के कमांडेंट आनंद कुमार, आरटीसी प्रभारी संजय राय को निलंबित कर दिया था। इसके बाद शासन स्तर से एडीजी पीएसी आर.के. स्वर्णकार व आईजी डॉ प्रीतिंदर सिंह व डीआईजी अरुण कुमार श्रीवास्तव गोरखपुर पहुंचे। यहां चार दिन तक कैंप करने के बाद शनिवार को वापस शहर लौट गए। अधिकारियों ने रिक्रूटों से बातचीत कर पहले बिजली- पानी की व्यवस्था सहीं कराई। इसके बाद पंखे और कूलर की संख्या बढ़ाने के साथ ही बैरक के आस पास साफ सफाई कराते हुए भीतर व बाहर दो दर्जन से अधिक डस्टबिन रखवा दिए गए। रिक्रूटों में सबसे अधिक नाराजगी शौचालय को लेकर कही। इसके बाद अधिकारियों ने निर्देशन में शौचालय की संख्या बढ़ाने के लिए निर्माण कार्य भी शुरू कर दिया है। इसके साथ ही अस्थाई शौचालय की भी व्यवस्था की गई है।
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प्रभारी कमांडेंट की देखरेख में हो रहा निर्माण
सूत्रों के अनुसार हंगामे में के बाद प्रभारी कमांडेंट निहारिका शर्मा के देखरेख में देर रात एक बजे तक आरटीसी (रीजनल ट्रेनिंग सेंटर) काम चल रहा है। इसके साथ ही रिक्रूटों के एक्टिविटी और उनके सोशल अकाउंट पर भी नजर रखी जा रही है। साथ ही सुबह शाम रिक्रूटों से मिलकर बातचीत कर उनके समस्याओं का भी निस्तारण कर रही हैं।
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