फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: जापान डेफ ओलंपिक में खेलेंगी शहर की बैडमिंटन खिलाड़ी आदित्या

विज्ञापन
आदित्या यादव
विज्ञापन
गुजरात के अहमदाबाद में 24 और 25 अगस्त को हुए ट्रायल में चयनित हुईं गोल्डन गर्ल
विज्ञापन




20 से 27 नवंबर तक जापान के टोक्यो में आयोजित होगा डेफ ओलंपिक



गोरखपुर। बैडमिंटन में गोल्डन गर्ल के नाम से मशहूर शहर की आदित्या यादव एक बार फिर से डेफ ओलंपिक में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करतीं नजर आएंगी। 20 से 27 नवंबर तक जापान के टोक्यो में आयोजित होने वाले डेफ ओलंपिक के लिए आदित्या का चयन हुआ है। इसके लिए अहमदाबाद में 24 व 25 अगस्त को ट्रायल आयोजित हुआ था। इसमें आदित्या ने शानदार प्रदर्शन करते हुए बैडमिंटन के सभी इवेंट में अपनी जगह पक्की कर ली। अब वह इंडिया कैंप में प्रतिभाग करेंगी।



आदित्या डेफ ओलंपिक में देश को नेतृत्व करते हुए बैडमिंटन की सिंगल्स, डबल्स, मिक्स डबल्स के साथ ही टीम इवेंट में खेलती नजर आएंगी। इस उपलब्धि पर शहरवासियों और बैडमिंटन प्रेमियों में खुशी की लहर है। उनके चयन पर पूर्वोत्तर रेलवे क्रीड़ा संघ के अध्यक्ष अभय कुमार गुप्ता, नरसा महासचिव पंकज कुमार सिंह, सहायक क्रीड़ा अधिकारी चंद्र विजय सिंह, रेलवे के बैडमिंटन कोच व आदित्या के पिता दिग्विजय नाथ यादव, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी आले हैदर और बैडमिंटन संघ के अध्यक्ष मनकेश्वर नाथ पांडेय, सचिव राजित श्रीवास्तव आदि ने बधाई दी है।
विज्ञापन




पिता के साथ से आदित्या के हौसले को मिली उड़ान



आदित्या यादव की सफलता में उनकी मेहनत तो है ही, उनके पिता दिग्विजयनाथ यादव का संघर्ष भी शामिल है। दिग्विजयनाथ खुद बैडमिंटन खिलाड़ी रहे हैं और एनई रेलवे में बैडमिंटन कोच हैं। आदित्या तीन भाई-बहनों में सबसे छोटी हैं। जब वह ढाई साल की हुईं तब पता चला कि न तो वह बोल सकती है और न ही सुन सकती हैं। जब डॉक्टर ने जांच करने के बाद यह बात बताई तो वह सन्न रह गए। गोरखपुर के कई अस्पतालों में दिखाया, इसके बाद दिल्ली एम्स में भी बेटी का इलाज कराया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने बताया कि इस बीच अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी राजीव बग्गा का ख्याल आया। बहुत चिंतन किया, सोचा कि अगर वह दिव्यांग होकर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन सकते हैं तो उनकी बेटी क्यों नहीं। बस यही टर्निंग पॉइंट था। जब आदित्या चार साल की हुईं तो उन्हें बैडमिंटन का प्रशिक्षण शुरू करा दिया। उनके साथ ही वह रोजाना बैडमिंटन का प्रशिक्षण लेने लगीं। इस बीच स्कूली शिक्षा चलती रहे, इसके लिए उनका प्रवेश राजेंद्रनगर स्थित मूक-बधिर विद्यालय में करा दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान जिला स्तर से शुरू करके स्टेट, नेशनल और अब इंटरनेशनल प्रतियोगिताओं में भाग लेते हुए बेटी मेडल जीतने लगी। तब लगा कि उनका फैसला सही था। जब पूरा देश उसके लिए तालियां बजाता है तो आंखों से खुशी के आंसू छलकते हैं।



..................



राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कर चुके हैं सम्मानित



आदित्या वर्ष 2022 में ब्राजील डेफ ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने के बाद अंतरराष्ट्रीय फलक पर छा गईं। राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के हाथों बाल पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। आदित्या को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सम्मानित कर चुके हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सम्मान दिया है। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आदित्या को पांच लाख रुपये देकर पुरस्कृत किया था।



...........



पीवी सिंधु भी कर चुकी हैं आदित्या खेल की सराहना



आदित्या ने महज 10 वर्ष की उम्र में चीन में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप में सबका ध्यान आकर्षित किया था। दिल्ली में एक टूर्नामेंट के दौरान भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु भी उनका प्रदर्शन देखकर सराहना किए बिना नहीं रह पाईं।
विज्ञापन




....................



खेल ही नहीं पढ़ाई में भी आगे हैं आदित्या



आदित्या खेल ही नहीं पढ़ाई में भी आगे हैं। मूक बधिर होते हुए भी आदित्या सामान्य बच्चों के स्कूल में पढ़ती हैं। उन्होंने इस साल सीबीएसई के 10वीं की बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण किया है। इसके साथ ही आदित्या को पेंटिंग का भी शौक है।



...................



आदित्या को यहां मिले अंतरराष्ट्रीय मेडल



ब्राजील डेफ ओलंपिक में टीम इवेंट में गोल्ड मेडल



वर्ल्ड डेफ चैंपियनशिप टीम इंवेंट में गोल्ड मेडल



तीसरे जूनियर वर्ल्ड डेफ चैंपियनशिप में सिंगल और डबल्स में सिल्वर मेडल



एशिया पैसेफिक डेफ यूथ बैडमिंटन चैंपियनशिप के अंडर 21 गर्ल्स डबल्स में गोल्ड, सिंगल में सिल्वर में सिल्वर और मिक्स डबल में ब्रॉन्ज मेडल



एशिया पैसेफिक डेफ यूथ बैडमिंटन चैंपियनशिप महिला डबल में गोल्ड और वुमेन सिंगल में ब्रॉन्ज मेडल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें