मुख्यमंत्री के खिलाफ अभद्र टिप्पणी का मामला ::
भट्ठे से कच्ची शराब बरामद होने पर भोलेंद्र पर केस
आबकारी की टीम ने रविवार रात भट्ठे पर छापा मार भारी मात्रा में बरामद किया था शराब और यूरिया
पिपराइच। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके ओएसडी के खिलाफ फेसबुक पर अभद्र टिप्पणी करने वाले भालेंद्र पाल सिंह के ईंट भट्ठे पर रविवार को छापा के दौरान आबकारी विभाग की टीम को मौके से 15 लीटर कच्ची शराब और यूरिया बरामद हुआ था। मामले में आबकारी विभाग की ओर से भोलेंद्र के खिलाफ केस दर्ज कराया गया। पुलिस ने भट्ठे के चौकीदार राम मिलन को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया। इसके साथ ही मुंशी और उसके पोता का हिरासत में ले लिया।
प्रधान आबकारी निरीक्षक जगदीश प्रसाद के नेतृत्व में राऊतपार सिवान स्थित भोलेंद्र के साईं मार्का ईंट भट्ठे पर कच्ची शराब बनने की सूचना मिली। रविवार देर रात आबकारी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने भट्ठे पर छापेमारी की। जहां मौके से कच्ची शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले यूरिया व 15 लीटर कच्ची शराब बरामद हुई। मामले में आबकारी निरीक्षक मनीष त्यागी की तहरीर पर पुलिस ने भोलेंद्र व उनके चौकीदार राम मिलन पर केस दर्ज किया था। पुलिस ने मामले में रविवार चौकीदार काे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं, जिसमें सोशल मीडिया का दुरुपयोग, सार्वजनिक स्थलों पर आपत्तिजनक टिप्पणी और मानहानि शामिल हैं।
भट्ठे के मुंशी व उनके पोते को हिरासत में लिया गया
मुख्यमंत्री और उनके ओएसडी पर अभद्र टिप्पणी के मामले में भी पुलिस ने भट्ठे के मुंशी धनश्याम दुबे और उनके पोते अविनेश दुबे को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच में पता चला कि अविनेश दुबे के मोबाइल का उपयोग अभद्र टिप्पणी करने के लिए किया गया था। मोबाइल नंबर ट्रेस करने पर दोनों से पूछताछ की जा रही है। इसके साथ ही उनकी संलिप्तता की गहनता से जांच जारी है। पुलिस टीम मुंशी और उनके पोते से भट्ठे में रखे अन्य पदार्थों और भट्ठे के संचालन से जुड़े दस्तावेजों के बारे में भी जानकारी ले रही है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी की गई थी शिकायत, नहीं हुई थी कार्रवाई
राऊतपार सिवान क्षेत्र में यह पहली बार नहीं है जब किसी ईंट भट्ठे से अवैध शराब बरामद हुई हो। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस की सजगता पर भी ध्यान खींचा है। पुलिस ने बताया कि आगे भट्ठे के अन्य कर्मचारियों और भोलेंद्र पाल सिंह के संभावित सहयोगियों की भी जांच की जाएगी। स्थानीय लोगों का कहना है कि भट्ठों में अवैध गतिविधियां लंबे समय से चल रही हैं और अब प्रशासन की कार्रवाई से ऐसी गतिविधियों पर रोक लगेगी।
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खोराबार में दर्ज हुआ चौथा केस
अभद्र टिप्पणी के मामले में चौथा केस खोराबार थाने में दर्ज किया गया। राकेश सिंह नामक नागरिक की तहरीर पर केस दर्ज किया गया, जिसमें उन्होंने बताया कि फेसबुक पर भोलेंद्र पाल सिंह के नाम से पोस्ट वायरल हुआ, जिसमें संतोष विक्रम सिंह और मोनू सिंह को टैग कर विधायक और प्रदेश के प्रतिष्ठित व्यक्ति के खिलाफ अशोभनीय और भड़काऊ टिप्पणी की गई। राकेश ने कहा कि यह पोस्ट स्थानीय जनता में आक्रोश फैलाने वाला था और जाति व समुदायों के बीच तनाव बढ़ाने का प्रयास प्रतीत होता है। इस पोस्ट का स्क्रीनशॉट कई फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम ग्रुप में शेयर किया गया। हालांकि, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट दो घंटे के भीतर डिलीट कर दिया गया, लेकिन तब तक यह व्यापक रूप से फैल चुका था। पुलिस ने राकेश सिंह की तहरीर पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
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विपक्षी दलों ने सीएम व उनके ओएसडी की सुरक्षा पर उठाए सवाल
राजनीतिक गलियारों में इस प्रकरण ने हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने सीएम और उनके ओएसडी की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट तेजी से फैलते हैं, जिससे कानून और व्यवस्था के लिए चुनौती पैदा होती है। प्रशासन और पुलिस की सतर्कता इस मामले में निर्णायक भूमिका निभा रही है। वहीं स्थानीय लोगों में तनाव की स्थिति बनी रही, लेकिन पुलिस की सक्रियता और थाने की चौकसी से स्थिति नियंत्रण में आई। प्रशासन ने जनता से अपील की है कि इस मामले में अफवाहों पर ध्यान न दें और पुलिस की जांच में सहयोग करें।