घाटों और पोखरों की सफाई कर पूजन सामग्री का किया गया वैज्ञानिक विधि से निस्तारण
गोरखपुर। छठ महापर्व के उपरांत मंगलवार सुबह नगर निगम की टीम सफाई अभियान में जुट गई। राप्ती, रोहिन और आमी नदियों के सभी घाटों के साथ-साथ शहर के पोखरों और कृत्रिम तालाबों की सफाई कर पूजन सामग्री का वैज्ञानिक निस्तारण किया गया।
छठ पर्व के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ के बाद नगर निगम ने दो चरणों में सफाई अभियान चलाया। पहला चरण सोमवार रात 7 से 9 बजे तक चला, ताकि सुबह अर्घ्य के लिए श्रद्धालुओं को स्वच्छ घाट मिल सकें। दूसरा चरण मंगलवार सुबह 8 बजे से शुरू होकर दोपहर 1 बजे तक चला। इस दौरान लगभग 1800 स्वच्छता कर्मियों ने केले के पत्ते, फूल-मालाएं और अन्य अपशिष्ट एकत्र कर गारबेज ट्रांसफर स्टेशन और एमआरएफ सेंटर भेजे।
अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र ने बताया कि यह अभियान न केवल राप्ती नदी के मुख्य घाटों पर, बल्कि शहर के सभी कृत्रिम सरोवरों और पोखरों पर एक साथ चलाया गया। हनुमानगढ़ी मंदिर घाट, तकिया घाट, डोमिनगढ़ घाट, श्रीराम घाट, राजघाट, एकला बांध घाट, श्री गोरक्षघाट, नया घाट सहित महानगर के 80 वार्डों में 385 से अधिक स्थानों पर सफाई अभियान चला। इसके अलावा श्री गोरखनाथ मंदिर स्थित भीम सरोवर, मानसरोवर मंदिर सरोवर और सूर्यकुंड धाम सरोवर की भी धुलाई कराई गई।
नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल, अपर नगर आयुक्त दुर्गेश मिश्र समेत सभी वरिष्ठ अधिकारियों ने विभिन्न स्थलों का निरीक्षण किया।