अब तक 50 संदिग्धों से पुलिस कर चुकी है पूछताछ, नहीं मिले ठोस साक्ष्य
सरदारनगर (गोरखपुर)। चौरीचौरा इलाके के शिवपुर चकदहा गांव में डबल मर्डर की घटना के बाद हत्यारों की दहशत से भाई-बहन रात में घर में नहीं सो पा रहे हैं। दिनभर घर के बाहर खुशबू और उसका भाई विशाल बैठे रहते हैं। रात होते ही बगल में रहने वाले पटीदारी के चाचा के घर सोने चले जाते हैं। खुशबू का कहना है कि पुलिस ने केवल एक ही आरोपी को गिरफ्तार किया है, बाकी खुले में घूम रहे हैं। वे फिर से हमला कर सकते हैं।
पुलिस इस मामले में अब तक 50 संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर चुकी है, लेकिन कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। शिवपुर चकदहा गांव में 29 मार्च की देर रात करीब 1:30 बजे मां-बेटी पूनम (45) और उसकी बेटी अनुष्का (13) की गड़ासे से हत्या कर दी गई थी। बड़ी बेटी खुशबू के मुताबिक, घटना के समय उसका कमरा आरोपियों ने बाहर से बंद कर दिया था। वह अंदर से ही मां और बहन को बचाने के लिए शोर मचा रही थी।
उसकी सूचना पर पुलिस आई फिर दरवाजे की कुंडी खोलकर उसे बाहर निकाला था। खुशबू की तहरीर पर चौरीचौरा पुलिस ने मुख्य आरोपी संजय उर्फ शैलेंद्र, उसके पिता कोटेदार सरजू, भाई सुरेंद्र और दो अज्ञात पर हत्या का केस दर्ज किया था। संजय को गिरफ्तार कर पुलिस जेल भिजवा चुकी है। उसके कोटेदार पिता और भाई भागे हुए हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है।
आरोपियों की तलाश में जुटी हैं आठ टीमें
घटना का पर्दाफाश करने के लिए चौरीचौरा थाना, सर्विलांस, एसओजी के साथ ही पुलिस की आठ टीमें अलग-अलग जांच पड़ताल कर रही हैं। घटना के पांच दिन बाद भी कोई सुराग उनके हाथ नहीं लगा है। मोबाइल कॉल डिटेल के आधार पर पुलिस अब तक 50 संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इसके बाद भी किसी नतीजे तक नहीं पहुंच सकी है। इसके अलावा कुछ लोगों के सोशल मीडिया अकाउंट भी पुलिस टीम खंगाल रही है।
20 मिनट तक रुके थे हमलावर
पुलिस की जांच में सामने आया है कि हत्यारोपी घटना वाली रात पूनम के घर पर करीब 20 मिनट तक रुककर हमला करते रहे। इस दौरान पूनम की मौत होने तक वे वहां रुके थे। पूनम के सिर, हाथ और गर्दन पर सात जगहों पर चोट के निशान मिले थे। घटना के दौरान पूनम और उसकी बेटी अनुष्का मदद के चिल्लाई भी थीं, लेकिन अगल-बगल किसी को भी आवाज नहीं सुनाई दी थी।
घर में हैं दो दरवाजे
पूनम के घर में एक कमरा और बड़ा हाॅल है। कमरे में खुशबू सोई थी। हाॅल में छोटी बेटी अनुष्का को साथ लेकर पूनम सोई थी। खुशबू ने पुलिस को बताया है कि छत के रास्ते हमलावर आए थे। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो छत पर हमलावरों के आने-जाने के निशान नहीं मिले। घर में आगे और पीछे दो दरवाजे हैं। सवाल उठ रहा है कि हमलावरों ने कहीं पीछे के दरवाजे से तो प्रवेश नहीं किया। अगर आए तो दरवाजा आखिर किसने खोला, इस बिंदु पर भी जांच चल रही है।
पीड़ित व आरोपी दोनों कर रहे सीबीआई जांच की मांग
घटना के बाद पीड़ित व आरोपी का परिवार सीबीआई जांच की मांग कर रहा है। खुशबू निषाद ने कहा कि पुलिस सिर्फ एक आरोपी को जेल भिजवा सकी है। हम लोगों की जान पर भी खतरा बना हुआ है। उसने कहा कि मुख्यमंत्री से मिलकर सीबीआई जांच कराने की मांग करेगी। वहीं आरोपी संजय कुमार की पत्नी रीना देवी का कहना है कि पूरी घटना में परिवार को कोटे की दुकान की वजह से फंसाया जा रहा है। हम लोग मुख्यमंत्री से मांग करते हैं कि सीबीआई जांच हो और हम लोगों को न्याय मिले।
गांव में तैनात रही पीएसी
गांव में घटना के पांच दिन बाद भी पीएसी तैनात रही। दो जातियों का मामला होने की वजह से एहतियात के तौर पर वहां पुलिस भी लगातार गश्त कर रही है। बृहस्पतिवार को भी एसओजी टीम गांव में पहुंचकर चारों तरफ घूमकर साक्ष्य एकत्रित करती रही। कुछ लोगों से पूछताछ भी की।
वर्जनएहतियात के तौर पर गांव में पुलिस टीम लगातार गश्त कर रही है। पीएसी भी लगाई गई है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया गया है। साक्ष्य के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
- जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, एसपी उत्तरी