स्लीपर, एसी के कोच में चार कैमरे और जनरल श्रेणी के कोच में छह कैमरे लगाए जाएंगे
सुरक्षा की दृष्टि से रेल प्रशासन ने लिया निर्णय, कोच की हो रही गिनती
एनईआर की कुल 88 एक्सप्रेस और 110 पैसेंजर ट्रेनें चलती हैं
गोरखपुर। अब ट्रेन में यात्री सुरक्षा कवच से लैस रहेंगे। सुरक्षा की दृष्टि से पूर्वोत्तर रेलवे ने अपनी सभी ट्रेनों के हर कोच में सीसीटीवी कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। कुल 2000 कोच में कैमरे लगाए जाएंगे। रेल प्रशासन ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके लिए गोरखपुर मुख्यालय और तीनों मंडल लखनऊ, वाराणसी और इज्जतनगर में एसी, स्लीपर और जनरल श्रेणी के कोच की गिनती भी शुरू हो गई है।
वंदेभारत, हमसफर और अमृत भारत ट्रेन में पहले से ही कोच में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। जबकि, जितने भी नए लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोच आ रहे हैं, उनमें कैमरे लगकर आ रहे हैं। जो पहले के कोच हैं, अब उनमें भी सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी की गई है। रेल प्रशासन की योजना के मुताबिक, दो चरणों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। पहले चरण में एलएचबी कोच और दूसरे चरण में पुराने इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) कोच में कैमरे लगेंगे।
एसी और स्लीपर कोच में चार-चार कैमरे लगाए जाएंगे, इसमें दो-दो दोनों प्रवेश द्वार के पास लगाए जाएंगे। जबकि, जनरल कोच में छह कैमरे लगेंगे। जनरल कोच में तीन प्रवेश द्वार होते हैं, दो-दो कैमरे प्रत्येक प्रवेश द्वार के पास रहेंगे, इससे गैलरी भी कवर हो जाएगी। इमू और मेमो ट्रेन में एक कैमरा प्रवेश द्वार और दूसरा गैलरी में लगाया जाएगा।
पूर्वोत्तर रेलवे में कुल 88 एक्सप्रेस और 110 पैसेंजर ट्रेनें चलती हैं। इसमें गोरखपुर से 14 एक्सप्रेस ट्रेनें चलाई जाती हैं। इन सभी ट्रेनों के कोच में सीसीटीवी कैमरे लगने से यात्रियाें की सुरक्षा बढ़ जाएगी। किसी भी आपराधिक घटना और बवाल की रिकॉर्डिंग रेल प्रशासन के पास रहेगी। इससे जांच में भी मदद मिलेगी, साथ ही चोरी की घटनाएं पकड़ में आ जाएंगी।
कोट
यात्रियों की सुरक्षा रेलवे के लिए सर्वोपरि है और इसे सुनिश्चित करने के लिए रेलवे की ओर से निरंतर प्रयास किया जाता है। वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनें सीसीटीवी कैमरों से लैस हैं। इसी क्रम में अन्य कोचों में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने के लिए योजना बनाई जा रही है।
- पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ-एनईआर