फर्जी परवाना आदेश लगाने वालों पर दर्ज होगा केस...बनी 31 की सूची
कुशीनगर के 17, देवरिया के 11, गोरखपुर के एक और महराजगंज के मामले
गोरखपुर। चकबंदी से बची जमीनों पर फर्जी परवाना आदेश (नामांतरण) से नाम दर्ज कराने वाले जालसाजों के खिलाफ अब केस दर्ज कराने की तैयारी चल रही है। सहायक अभिलेख अधिकारी (एआरओ) कार्यालय में 31 लोगों की सूची तैयार की गई है, जिसमें कुशीनगर के 17 और देवरिया के 11 जालसाज शामिल हैं। इसके अलावा कुछ राजस्वकर्मी भी निशाने पर हैं। बुधवार को धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का केस दर्ज कराया जा सकता है।
कुशीनगर के खड्डा तहसील में तीन फर्जी परवाना आदेश पकड़े जाने के बाद हड़कंप मच गया। इसके बाद जांच-पड़ताल शुरू हुई तो कुल 17 मामले सामने आए। परवाना आदेश का सत्यापन कराने के लिए खड्डा तहसीलदार ने 11 फरवरी 2025 को एआरओ कार्यालय में सूची भेजी। इसमें शिवपुर के 12, बसंतपुर के चार और मरिचहवा का एक मामला शामिल है। जांच में आदेश फर्जी पाया गया। इस रिपोर्ट के बाद तहसील प्रशासन ने जांच तो शुरू करा दी लेकिन किसी के खिलाफ अभी तक केस दर्ज नहीं कराया।
इसी प्रकार देवरिया में 11 मामले पकड़े गए हैं। ये सभी रुद्रपुर तहसील के हैं। इसकी भी जांच कराकर एआरओ ने पांच फरवरी 2025 को ही रिपोर्ट तहसील में भेज दी है। मंगलवार को इस मामले में गोरखपुर के एआरओ का फर्जी परवाना आदेश जारी कराने का आधार बनाकर मुकदमा दर्ज कराने की तैयारी है। एआरओ कार्यालय से इस मामले में दस्तावेज तैयार करा लिया गया है। कुछ साक्ष्य और जोड़कर बुधवार को तहरीर दी जा सकती है। एआरओ विनोद सिंह के मुताबिक जितने भी फर्जी परवाना आदेश जारी हुए हैं, सभी मामलों में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।