शाहपुर की महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की 10 सितम्बर 2018 को हो गई थी मौत
ससुर के प्रार्थना पत्र पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने केस दर्ज करने का दिया आदेश
गोरखपुर। डॉक्टर की लापरवाही से गर्भ में पल रहे बच्चे की मौत के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने डाॅक्टर के विरूद्ध केस दर्ज कर विवेचना का आदेश थानाध्यक्ष शाहपुर को दिया है।
शाहपुर की महिला के गर्भ में पल रहे बच्चे की 10 सितंबर 2018 को मौत हुई थी। इसके बाद ससुर दिनेश सिंह ने डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। शाहपुर थाना क्षेत्र के सरस्वतीपुरम लेन चार जेल बाईपास रोड निवासी दिनेश सिंह ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी बहू कविता सिंह गर्भवती थी। उनके बेटे ने पत्नी कविता सिंह को पांच जुलाई 2018 को डाॅक्टर के अस्पताल पर ले जाकर दिखाया। उस समय गर्भ में पल रहा शिशु 26 से 28 सप्ताह के अंदर का था।
इसी बीच डाक्टर के कहने पर बेटे ने कविता सिंह का कलर डाप्लर अल्ट्रासाउंड यहां कराया। इसकी रिपोर्ट 29 अगस्त 2018 को लाकर डाक्टर को दिखाई। रिपोर्ट में लिखी लीकर की कमी की बात भी बताई।
आरोप है कि डाॅक्टर ने तब भी कहा कि कोई दिक्कत नहीं, जच्चा-बच्चा दोनों ठीक हैं। 10 सितंबर 2018 को बेटे ने फिर पत्नी कविता का अल्ट्रासाउंड कराया और उसी दिन डॉक्टर को दिखाया तब उन्होंने कहा कि पेट में पल रहे बच्चे की मौत हो गई है। इसके बाद डांट फटकार कर अपने चेंबर से निकल जाने को कहा।