बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी अंकपत्र के सहारे नौकरी हासिल करने का मामला
सेंट एंड्रयूज कॉलेज और डीडीयू के भी कुछ अज्ञात कर्मचारियों पर दर्ज हुआ है केस
गोरखपुर विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक ने कैंट थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय और सेंट एंड्रयूज कॉलेज में एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। शैक्षणिक अभिलेखों में टेंपरिंग (छेड़छाड़) कर बीए और बीएड में अंक बढ़ा दिए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच के बाद बेसिक शिक्षा विभाग की बर्खास्त शिक्षिका प्रीति जायसवाल, डीडीयू के अभिलेख कक्ष और सेंट एंड्रयूज कॉलेज के अभिलेख विभाग के अज्ञात कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया है। साथ ही एसटीएफ से भी मामले की जांच कराने की मांग की है। कैंट थाने की पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच कर रही है।
डीडीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह ने कैंट पुलिस को तहरीर देकर बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से अंकपत्र सत्यापन की मांग के बाद कुलपति के आदेश पर गठित जांच समिति ने कैंट इलाके की रहने वाली प्रीति जायसवाल के बीए (वर्ष 1998, 1999, 2000) और बीएड (वर्ष 2001) के अभिलेखों की जांच की थी। अभिलेखों में गड़बड़ी मिलने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने सहायक अध्यापिका को पहले ही बर्खास्त कर दिया था।
समिति ने पाया कि सेंट एंड्रयूज कॉलेज केंद्र से संबद्ध बीए भाग तीन (2000) के अंक विश्वविद्यालय के गोपनीय अनुभाग में दर्ज अंकों से भिन्न हैं। रिपोर्ट के अनुसार, विश्वविद्यालय रिकॉर्ड में मनोविज्ञान विषय में क्रमशः 41, 06, 47 और 26 अंक दर्ज थे, जबकि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराए गए अंकपत्र में इन्हें बढ़ाकर 62, 51, 57 और 34 अंक दिखाया गया है। इसी प्रकार राजनीति शास्त्र के अंकों में भी भारी अंतर पाया गया।
जांच समिति ने स्पष्ट किया कि यह अंकपत्र कूटरचित एवं पूर्णतया फर्जी है। इसके अलावा, विश्वविद्यालय के अभिलेख कक्ष में बीए भाग एक (1998) की सारणीकरण पंजिका का एक पृष्ठ (अनुक्रमांक 128671 से 128700 तक) गायब मिला, जबकि बीए भाग दो (1999) में अंकों से छेड़छाड़ और बीए भाग तीन (2000) में पृष्ठ बदला हुआ पाया गया। समिति ने संबंधित कॉलेज और विश्वविद्यालय दोनों स्तरों पर अलग-अलग विभागीय जांच कराए जाने तथा प्राथमिकी दर्ज करने की संस्तुति की है। मामला हाईकोर्ट में भी विचाराधीन है।
कोर्ट ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव को निर्देश दिए थे कि वे यह सत्यापित करें कि उपर्युक्त जालसाजी के संबंध में उन्होंने क्या कार्रवाई की है। इस संबंध में उनका व्यक्तिगत हलफनामा प्रस्तुत किया जाए। साथ ही मामले को 28 अक्तूबर 2025 को नए सिरे से सूचीबद्ध करने के निर्देश दिए। समिति की जांच रिपोर्ट के आधार पर नियंत्रक ने तहरीर दी। कैंट थाना प्रभारी निरीक्षक संजय सिंह ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर जांच की जा रही है।