एम्स में विश्व ट्रॉमा दिवस पर सीएमई एवं जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
नर्सिंग के छात्रों ने किया नुक्कड़ नाटक कर ट्रॉमा के प्रति किया जागरूक
गोरखपुर। एम्स के ट्रॉमा एवं आकस्मिक चिकित्सा विभाग की तरफ से विश्व ट्रॉमा दिवस के अवसर पर चिकित्सीय शिक्षा एवं जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ट्रॉमा की रोकथाम, शीघ्र उपचार और प्रारंभिक देखभाल के महत्व के बारे में जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व निदेशक एम्स नई दिल्ली प्रोफेसर डॉ. एमसी मिश्रा ने भारत में ट्रॉमा केयर सिस्टम का विकास और चुनौतियां विषय के बारे में बताते हुए कहा कि बहु-विषयक दृष्टिकोण अपनाकर ट्रॉमा के कारण होने वाली मृत्यु और विकलांगता में भारी कमी लाई जा सकती है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम में सामुदायिक सहयोग और जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में संकाय सदस्य, छात्र, नर्सिंग अधिकारी एवं नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
विभिन्न सत्रों में ट्रॉमा प्रबंधन, प्राथमिक जीवन रक्षक तकनीक और गोल्डन ऑवर की भूमिका पर चर्चा की गई। नर्सिंग छात्रों की तरफ से नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नाटक में सड़क दुर्घटना, तत्काल सहायता और सीपीआर जैसे विषयों को दर्शाया गया। इस प्रस्तुति ने न सिर्फ स्वास्थ्यकर्मियों बल्कि आम नागरिकों को भी जागरूक किया।