फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हैवानियत : हत्या के बाद तस्करों ने दीपक के ही मोबाइल से ही खींचा फोटो, स्टेट्स पर लगाया

विज्ञापन
पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल धूषण महुआ चापी में बीती रात एक युवक की मौत हो जाने के बाद जंगल धूष
विज्ञापन
देर शाम दीपक का शव पहुंचते ही गांव में मचा कोहराम, बेसुध पिता बोले- डॉक्टर बनने का सपना देखा था..छोड़कर चला गया
विज्ञापन


अंतिम संस्कार के वक्त पूरे गांव के लोग रहे मौजूद, पिता ने दी मुखाग्नि
देर शाम तक गांव में फोर्स तैनात, एसएसपी ने खुद की निगरानी
पादरी बाजार, गोरखपुर। नीट की तैयारी कर रहे 20 वर्षीय दीपक गुप्ता की बेरहमी से हुई हत्या ने पूरे इलाके को दहला दिया है। हत्या करने वाले तस्करों की हैवानियत यहीं खत्म नहीं हुई, सिर पर वार कर पहले तो मौत के घाट उतार दिया और फिर उन्होंने दीपक के मोबाइल से ही खून से सने कपड़ों में उसकी तस्वीर खींचकर व्हाट्सएप स्टेटस पर डाल दी। यह तस्वीर परिजनों और दोस्तों तक पहुंची तो गांव में आक्रोश और बढ़ गया।
सोमवार देर शाम पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही एंबुलेंस से दीपक का शव गांव पहुंचा, घर के दरवाजे पर चीख-पुकार गूंज उठी। मां सीमा बेहोश होकर गिर पड़ीं, वहीं छोटे भाई सुरेंद्र दहाड़ें मारकर रोने लगे। पिता दुर्गेश गुप्ता, जो कंपाउंडर का काम करते हैं, बेसुध से बार-बार यही कह रहे थे कि मेरा दीपक मुझे छोड़कर क्यों चला गया... । उसने तो डॉक्टर बनने का सपना देखा था...। गांव की गलियों में सन्नाटा और मातम का माहौल पसरा रहा। सैकड़ों की भीड़ उमड़ पड़ी। माहौल इतना भारी था कि महिलाओं के रुदन और बच्चों की सिसकियां सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन



महिलाओं का फूट गुस्सा, शाम को फिर पुलिस पर पथराव
जैसे ही पुलिस और पीएसी जवान गांव में सुरक्षा के साथ शव लेकर पहुंचे, महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित महिलाओं ने पुलिस पर फिर पथराव कर दिया। उनका कहना था कि अगर पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो दीपक की जान बच सकती थी। पथराव में कई जवानों को हल्की चोटें भी आईं। पथराव के दौरान कई पुलिस कर्मी भागते नजर आए।

अंतिम संस्कार में उमड़ा गांव, बेसुध हुए लोग
शाम करीब पांच बजे दीपक के अंतिम संस्कार की तैयारी की गई। पूरे गांव के लोग घाट पर पहुंचे। हर आंख नम थी। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पिता दुर्गेश गुप्ता ने कांपते हाथों से अपने बेटे को मुखाग्नि दी। जैसे ही चिता की लपटें उठीं, वहां मौजूद भीड़ में दहाड़ें और तेज हो गईं। कई रिश्तेदार तो चिता के पास गिर पड़े और रोते हुए बेसुध हो गए।

पुलिस फोर्स देर रात तक रही तैनात
गांव की स्थिति की नाजुकता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने गांव को छावनी में तब्दील कर दिया। देर रात तक भारी संख्या में फोर्स तैनात रही। खुद एसएसपी ने घटनाक्रम की निगरानी की और अधिकारियों से लगातार रिपोर्ट लेते रहे।

गांव में गुस्सा और मातम साथ-साथ
गांव की महिलाओं का कहना था कि उन्होंने कभी इतनी दर्दनाक घटना नहीं देखी। हर कोई दीपक की पढ़ाई और उसके सपनों का जिक्र कर रहा था। महिलाएं कह रही थीं कि हमारे बच्चों की जान अब सुरक्षित नहीं है, पुलिस केवल तमाशबीन बनी हुई है।
विज्ञापन


ये पुलिस कर्मी हुए घायल
एसपी नार्थ जितेंद्र कुमार श्रीवास्तव, पिपराइच थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम आनंद सिंह, विकास साहू, परमीश पांडेय, एसआई सच्चिदानंद पांडेय, दीपिका यादव व अजीत चतुर्वेदी घायल हुए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें