रात 11 बजे फातिमा ब्लड बैंक पहुंचकर दिया खून, डॉक्टर बोले, बच्ची अब खतरे से बाहर
गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में भर्ती छह वर्षीय बच्ची की जिंदगी सोमवार की रात मौत के मुहाने पर थी। ब्लड कैंसर से पीड़ित इस बच्ची का प्लेटलेट्स स्तर 10 हजार पर पहुंच गया था। डॉक्टरों ने तत्काल सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) की मांग की, लेकिन एबी पॉजिटिव या नेगेटिव ग्रुप का रक्तदाता नहीं मिल पा रहा था। निराश परिजनों ने सोशल मीडिया पर मदद की गुहार लगाई। पोस्ट वायरल होने के बाद रक्तवीर युवा क्लब के सदस्य आदित्य मिश्रा रात में साथियों संग अस्पताल पहुंचे और खून देकर बच्ची को नई जिंदगी दे दी।
जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में तैनात कांस्टेबल मोहम्मद अहद ने सोशल मीडिया पर बच्ची की हालत देखी और गोरखपुर के रक्तवीर क्लब से संपर्क किया। क्लब के संयोजक कांस्टेबल शिवाम्बुज पटेल ने रात 10 बजे अपने व्हाट्सऐप ग्रुप पर संदेश भेजा कि छह वर्षीय बच्ची की जान बचाने के लिए प्लेटलेट्स की जरूरत है। संदेश पढ़ते ही आनंद पांडेय और आदित्य मिश्रा ने मदद की इच्छा जताई। रात 11 बजे दोनों फातिमा हॉस्पिटल ब्लड बैंक पहुंचे, जहां जांच में आदित्य मिश्रा उपयुक्त पाए गए। उन्होंने तत्काल रक्तदान किया। करीब एक घंटे बाद तैयार प्लेटलेट्स मेडिकल कॉलेज पहुंचाए गए, जहां डॉक्टरों ने बच्ची को चढ़ाया। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर प्लेटलेट्स मिलने से बच्ची की जान बच गई है और अब वह खतरे से बाहर है। परिजनों ने आदित्य मिश्रा और रक्तवीर क्लब के सदस्यों का आभार जताया।