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Gorakhpur News: धरोहर के रूप में संरक्षित होगी योगगुरु योगानंद की जन्मस्थली

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अगले माह से शुरू होगा कोतवाली स्थित जन्मस्थली पर निर्माण कार्य
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योगगुरु परमहंस योगानंद की जयंती आज
गोरखपुर। दुनियाभर में योग का प्रचार-प्रसार करने वाले योगगुरु परमहंस योगानंद (मुकुंद लाल घोष) की जन्मस्थली और उनसे जुड़ीं वस्तुओं को धरोहर के रूप में संरक्षित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए योग भवन का निर्माण अगले महीने से शुरू हो जाएगा। शासन ने इसके लिए 31 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया है।
योगाचार्य परमहंस योगानंद का जन्म पांच जनवरी 1893 को शहर के कोतवाली स्थित नखास के पास हुआ था। जिस घर के कमरे में उनका जन्म हुआ था, उसे भी धरोहर के तौर पर संरक्षित कर परिसर को विकसित करने की योजना है। घर में अभी भी उनकी खड़ाऊं, रुद्राक्ष की मालाएं, लैंप और पुस्तकें सुरक्षित हैं। परिसर में एक संग्रहालय और योग भवन भी बनाने की तैयारी है। यह योग भवन चार मंजिल का होगा। इसके लिए जमीन का परीक्षण किया जा चुका है। पर्यटन विभाग अगले माह से कार्य शुरू कराएगा।
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योजना के मुताबिक योग भवन के प्रथम तल पर पुस्तकालय के साथ संग्रहालय होगा साथ ही बाहर योगानंद की प्रतिमा भी बनाई जाएगी। यहां लोगों के योग करने की सुविधा भी दी जाएगी। पर्यटन विभाग के अनुसार यहां योग भवन बन जाने से दूर दराज से पर्यटक भी ज्यादा आएंगे। क्षेत्रीय पर्यटन विभाग के उप निदेशक रवींद्र कुमार मिश्र ने बताया कि यहां योगाचार्य परमहंस योगानंद की स्मृतियों को संजोया जाएगा। योग भवन का निर्माण 1360 वर्गमीटर में कराया जाना है। जल्द ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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