गोरखपुर चिड़ियाघर में दिल्ली से लाए जाने थे बोनट मकाक बंदर और लोमड़ी
बर्ड फ्लू के चलते दिल्ली चिड़ियाघर में हो चुकी है 12 पक्षियाें की मौत
गोरखपुर। चिड़ियाघर में दर्शकों को बोनट मकाक बंदर और लोमड़ी के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। दिल्ली चिड़ियाघर से इन्हें लाए जाने की तैयारी थी लेकिन वहां पर बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। अब बर्ड फ्लू समाप्त होने के बाद ही इन्हें लाने की तैयारी की जाएगी। वहीं, दिल्ली में बर्ड फ्लू आने के बाद गोरखपुर चिड़ियाघर में भी एहतियात बरते जा रहे हैं।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में फिलहाल तीन बोनट मकाक बंदर और एक लोमड़ी है। काफी समय से कुछ और बोनट मकाक बंदर और भारतीय लोमड़ी को लाने की कवायद चल रही है। पहले चिड़ियाघर के सामने एक समस्या थी कि एक जानवर के बदले उन्हें संबंधित चिड़ियाघर को दूसरा जानवर देना पड़ता था। बाद में उच्चाधिकारियों ने बैठक कर समस्या का हल निकाला। गोरखपुर चिड़ियाघर नया है इस वजह से यह तय हुआ कि प्रदेश के अन्य चिड़ियाघरों से जानवर लाने पर बदले में कोई वन्यजीव नहीं देना होगा। साथ ही यदि दूसरे प्रदेश से जानवर लाया जाएगा तो कानपुर या लखनऊ चिड़ियाघर इसके बदले में वन्यजीव देंगे। इसके बाद बोनट मकाक बंदर और लोमड़ी को लाने के लिए दिल्ली चिड़ियाघर से पत्राचार किया गया। वहां पर एक जोड़ी बंदर और एक जोड़ी लोमड़ी के लाने पर सहमति बनी। इन्हें लाने की तैयारी थी तबतक गोरखपुर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू से जानवरों की मौत होने लगी। ढाई माह बाद चिड़ियाघर इससे मुक्त हुआ तो जानवरों को लाने की कवायद दोबारा शुरू हुई। अब दिल्ली चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू ने दस्तक दे दी है। वहां पर इस बीमारी से करीब 12 पक्षियों की मौत हो चुकी है। अब इनका दीदार करने के लिए दर्शकों को कुछ समय और इंतजार करना पड़ेगा।
चिड़ियाघर के उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि दिल्ली चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की दस्तक के बाद गोरखपुर में भी एहतियात बरती जा रही है। दिल्ली से बोनट मकाक बंदर और लोमड़ी लाने की तैयारी थी लेकिन अब इन्हें कुछ समय बाद लाया जाएगा।