एसएसपी के आदेश पर महिला अस्पताल संचालक समेत 12 लोगों पर हुई थी गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई
गोरखपुर। सरकारी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पताल में भर्ती कराने के आरोपी गैंगस्टर अजीत यादव की बाइक खोराबार पुलिस ने जब्त की है। पुलिस ने पैडलेगंज में संचालित ईशु अस्पताल की महिला संचालक समेत 12 लोगों को गैंगस्टर एक्ट का आरोपी बनाया है। गिरोह में शामिल अजीत यादव की डेढ़ लाख रुपये कीमत की बाइक बुधवार को खोराबार पुलिस ने कब्जे में ली।
17 फरवरी 2024 को ईशु अस्पताल में एक मरीज की मौत के बाद यह मामला उजागर हुआ। जांच में सामने आया कि उस दिन अस्पताल में तीन मरीज भर्ती थे लेकिन वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। केवल पैरामेडिकल स्टाफ तैनात था, जिनकी शैक्षिक योग्यता डिप्लोमा इन फार्मेसी थी। पैरामेडिकल स्टाफ ने बताया कि हॉस्पिटल नितिन यादव की पत्नी रेनू की ओर से संचालित है और यह डॉ. रणंजय प्रताप सिंह के नाम से पंजीकृत है। मरीजों के तीमारदारों ने बताया था कि तीनों मरीज पहले बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराने गए थे। वहां आरोपियों ने सरकारी अस्पताल में उचित स्वास्थ्य सुविधाओं के न होने का झांसा देकर निजी अस्पताल में भर्ती कराने के लिए प्रेरित किया था। इसके बाद तीमारदारों को बरगलाकर मरीज को निजी एंबुलेंस से ईशु हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। हॉस्पिटल संचालक और आरोपियों ने मिलकर तीमारदारों से लाखों रुपये वसूल किए। इसके बावजूद मरीज को उचित इलाज नहीं मिला और उसकी मौत हो गई। एसओ खोराबार इत्यानंद पांडेय ने प्रशासनिक टीम के साथ कार्रवाई करते हुए अपराध से अर्जित अजीत यादव की बाइक जब्त की।