फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: 68 लाख की स्टांप चोरी में बसेरा ड्रीम प्लानर कॉलोनाइजर का दफ्तर सील

विज्ञापन
विज्ञापन
तारामंडल में एक करोड़ रुपये से अधिक की जमीन की स्टांप चोरी का मामला
विज्ञापन


सिविल लाइंस में सुबह छह बजे ही पहुंच गई थी राजस्व विभाग की टीम

गोरखपुर। शहर के एक बड़े कॉलोनाइजर बसेरा ड्रीम प्लानर प्राइवेट लिमिटेड पर जिला प्रशासन की टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। बृहस्पतिवार सुबह छह बजे सिविल लाइंस स्थित दफ्तर पर पहुंची राजस्व विभाग की टीम ने पहले कुर्की की फिर दफ्तर को सील कर दिया। बिल्डर पर 68,70,676 रुपये की स्टांप चोरी का आरोप है। राजस्व विभाग के सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में स्टांप चोरी से जुड़े कुछ और लोगों पर कार्रवाई की जा सकती है।

राजस्व विभाग की मानें तो यह कार्रवाई तारामंडल के पास की एक जमीन पर बिल्डर एग्रीमेंट के तहत कराए गए अनुबंध के आधार पर की गई है। बताया जा रहा है कि फर्म के निदेशक ज्ञान प्रकाश मणि त्रिपाठी की तरफ से लगभग डेढ़ से दो एकड़ जमीन की बिल्डर एग्रीमेंट करवाई गई थी। यह जमीन नौका विहार से सहारा एस्टेट की तरफ जाने वाले रास्ते पर है। नियम और शर्तों के मुताबिक, जिस जमीन पर बिल्डर एग्रीमेंट होती है, उसकी शासन स्तर से घोषित सर्किल रेट के हिसाब से अनुबंध करवाया जाता है।
विज्ञापन

इसी अनुबंध के सापेक्ष स्टांप ड्यूटी करवाई जाती है। इसी आधार पर बिल्डर एग्रीमेंट के तहत फ्लैट बनाए जाते हैं और इसे क्रय करवाया जाता है। फिर ग्राहक फ्लैट का भुगतान कर फर्मों से रजिस्ट्री करवाते हैं। इस मामले में अनुबंध करवाने के बाद भी कुल स्टांप शुल्क लगभग 51 लाख रुपये को फर्म की तरफ से जमा नहीं करवाया गया। इस लंबित स्टांप शुल्क पर ब्याज लगते-लगते धनराशि बढ़ गई। 68 लाख रुपये से अधिक की धनराशि लंबित होने पर दफ्तर सील कर कार्रवाई की गई।
सुबह 6 बजे अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) के निर्देश और उप जिलाधिकारी सदर के आदेश पर यह कार्रवाई की गई। राजस्व विभाग की तरफ से बताया गया कि बसेरा ड्रीम प्लानर के निदेशक ज्ञान प्रकाश मणि त्रिपाठी, निवासी तारामंडल को इस बकाया के संबंध में कई बार नोटिस और वसूली आदेश भेजे गए थे। निदेशक की ओर से एक चेक भी दिया गया था लेकिन खाते में पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण भुगतान नहीं हो सका। इसके बाद भी निरंतर वसूली का प्रयास किया गया, लेकिन बकाया जमा नहीं हो सका।

जिलाधिकारी कोर्ट के आदेश पर हुई कार्रवाई

वसूली की यह पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारी कोर्ट की ओर से जारी प्रमाणपत्र के आधार पर की गई। इस कार्रवाई में राजस्व विभाग की ओर से संग्रह अमीन योगेंद्र चौबे, लक्ष्मीकांत त्रिपाठी, अभिषेक कुमार पांडेय, अजय दुबे, अजय ओझा, संग्रह अनुसेवक आकाश पांडेय और हिमांशु आदि शामिल रहे।

डीएम के कार्यभार संभालते ही बड़ी कार्रवाई

नवागत डीएम दीपक मीणा ने बुधवार को ही पदभार संभाला था। अगले दिन ही इस कार्रवाई से उन्होंने सीधा संदेश दे दिया। प्रेसवार्ता में उन्होंने कहा भी कि भू-माफिया या जमीन से जुड़े किसी भी मामले में शासन की मंशा के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन


भुगतान के बाद प्रशासन ने खुलवा दिया ताला: निदेशक

बसेरा ड्रीम प्लानर प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक ज्ञान प्रकाश मणि त्रिपाठी ने बताया कि कुछ तकनीकी खामियों की वजह से मामला कुर्की और सीलबंद की कार्रवाई तक आ गया। उन्होंने दावा किया कि सभी साक्ष्य और लंबित भुगतान जमा करवाने के बाद दोपहर दो से तीन बजे करीब आकर प्रशासन की टीम ने ही ताला खुलवा दिया था। उन्होंने कहा कि वह प्रशासन के साथ हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें