गोरखपुर (सरदारनगर)। चौरीचौरा तहसील के मलमलिया गांव में सीलिंग की 214 एकड़ जमीन पर पहले आयुष विश्वविद्यालय बनना था। यह जानकारी जैसे ही सार्वजनिक हुई, जमीन पर काबिज लोगों ने मिट्टी ही बेच डाली। करीब 40 एकड़ जमीन की मिट्टी की खोदाई भी हो गई। इससे प्रशासन बेखबर रहा। अब इस जमीन की पैमाइश कर पिलर लगाकर घेरेबंदी कर दी गई है। हालांकि, अभी जमीन पर गेहूं की बुवाई हुई है, फसल कटने के बाद प्रशासन पूरी तरह से अपने कब्जे में ले लेगा।
जिले में नई परियोजनाओं के लिए भूमि बैंक की जरूरत महसूस करते हुए डीएम के निर्देश पर राजस्व विभाग ने सीलिंग की जमीनों की तलाश शुरू की। करीब दो महीने पहले प्रशासन ने चौरीचौरा के मलमलिया गांव में सीलिंग की जमीन के कागजात निकलवाए। पता चला कि सीलिंग की जमीन पर लोग कब्जा कर खेती करते हैं। इस महीने पैमाइश की गई और किसानों की जमीन को अलग कर सीलिंग की जमीन की पिलर गाड़कर तार से घेरेबंदी की गई।
इस दौरान प्रशासन को पता चला कि जमीन की खोदाई कर मिट्टी ही लोगाें ने बेच दी। गांव के लोगों ने राजस्वकर्मियों को बताया कि जब आयुष विश्वविद्यालय बनने की बात हो रही थी, उसी दौरान कुछ लोगों ने मिट्टी बेच दी। इसके बाद से खोदाई नहीं हुई।
कोनी-कालेसर फोरलेन बाईपास निर्माण में भी हुई खोदाई
कोनी-कालेसर फोरलेन निर्माण के दौरान भी सीलिंग की जमीन से मिट्टी की खोदाई की गई। सन 2008 व 2009 में फोरलेन बाईपास का निर्माण हो रहा था तो उस समय कुछ किसानों ने जमीन समतल करने के लिए भी खेत से मिट्टी निकलवा कर सड़क निर्माण में दिया था। इसके बदले में उन्होंने ठेकेदारों से रुपये लिए थे। वहीं सड़क की पटरी बनाने में यहीं से मिट्टी का प्रयोग किया गया।
वर्जनसीलिंग की जमीन की पैमाइश कराकर घेरेबंदी करा दी गई है। साथ ही राजस्वकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे निगरानी करते रहें ताकि अब मिट्टी की खोदाई न हो सके।
-कृष्णा करुणेश, डीएम
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फर्जी वसीयत का आरोप लगा धरने पर जमीन का बैनामा कराने वाले
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पिपराइच क्षेत्र के ग्राम जंगल डुमरी नंबर दो में 20 एकड़ जमीन की फर्जी वसीयत कराने का मामला सामने आया है। जमीन का पहले ही 40 लोगों ने बैनामा कराया हुआ है। इसमें से गांव के चाचा-भतीजा देवेंद्र यादव और सुरेश यादव सोमवार की शाम सदर तहसील में एसडीएम दफ्तर के सामने धरने पर बैठ गए। एसडीएम ने मृणाली अविनाश जोशी ने बुलाकर बात की, शिकायती पत्र लेते हुए वाद दाखिल करने को कहा और कार्रवाई का आश्वासन दिया।
धरने पर बैठे देवेंद्र यादव ने बताया कि नमिता बनर्जी से हमारे अलावा करीब 40 लोगों ने जमीन बैनामा कराया था। 19 दिसंबर 2020 को नमिता बनर्जी का निधन हो गया। आरोप लगाया कि जिस दिन निधन हुआ उसी तिथि को लखनऊ और झारखंड के अमित कुमार नंदी और सभ्य कुमार सांची ने फर्जी वसीयत करा लिया। इसमें तहसील के अधिकारी की भी मिली भगत है। मामले की जांच कराकर फर्जी वसीयत को निरस्त किया जाए।
एसडीएम ने भरोसा दिया कि जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।