गोरखपुर। जिले में तैनात 2017 बैच के दरोगाओं को उनके साथियों का बैचमेट बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। आरटी मैसेज जारी कर जिले में तैनात 2017 बैच के सभी दरोगाओं को आवेदन करने के लिए कहा गया है। आवेदन के जरिए न सिर्फ उनका पूरी डिटेल जुटाई जा रही है बल्कि नया पीएनओ नंबर जारी कर उनका बैच बदला जाएगा। वहीं उनके सर्विस बुक में पुराना पीएनओ भी रहेगा जिससे बाद में अगर ट्रेस करने की स्थिति आए तो पता चल सके।
दरअसल यूपी के तीन जिलों (गोरखपुर, अयोध्या और बरेली) के बाबुओं ने अपने यहां ज्वाइन करने वाले सब इंस्पेक्टर को दो साल जूनियर कर दिया था। उन्होंने जिले की ज्वाइनिंग डेट को ही बैच बना दिया था जबकि अन्य जिलों ने ट्रेनिंग डेट को बैच बनाते हुए पीएनओ जारी किया था। इससे एक ही साथ काम करने वाले दरोगा अगर इन तीनों जिले में नौकरी ज्वाॅइन किए तो दो साल जूनियर हो गए जबकि यूपी के अन्य जिलों में ज्वाॅइन करने वाले उनके साथी दरोगा दो साल सीनियर हो गए। दरोगाओं ने यह मामला उठाया पर बाबू गुमराह करते रहे।
अयोध्या में तैनात एक दरोगा हाईकोर्ट चला गया। हाईकोर्ट ने जब संज्ञान लिया तब मुख्यालय ने गलती सुधारने का निर्देश दिया और अयोध्या ने अपने यहां गलती सुधार कर ली। गोरखपुर ने भी इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत सभी दरोगाओं से आवेदन मांगा जा रहा है।
जिले में तैनात रहते हुए इन दरोगाओं को सात साल हो रहे हैं। लिहाजा वह जिले से ट्रांसफर से पहले बैच ठीक कराना चाहते हैं जिससे उन्हें दिक्क्त न हो। दरअसल बैच की वजह से ही थाने और चौकी की तैनाती मिलती है। यह पता चल जाता है कि दरोगा की अब तक कितनी नौकरी हो चुकी है। 2015 बैच एलाट होते ही सात साल से विभाग में आए दरोगा नौ साल पुराने बताए जाएंगे।
अपने सात साल की नौकरी के दौरान इन दरोगाओं ने ढेर सारी जांच और विवेचनाएं की होंगी। कुछ मामलों का ट्रायल शुरू हो गया होगा तो कुछ का होने वाला होगा ऐसे में नया बैच एलाट करने के साथ पुराने बैच का भी सर्विस बुक में जिक्र रहेगा जिससे उन्हें ट्रेस करने में किसी तरह की दिक्क्त न हो।
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कोट-
दरोगाओं का अवेदन लिया जा रहा है। सभी प्रक्रिया पूरी कर उनका पीएनओ ठीक कराया जा रहा है।
- डाॅ. गौरव ग्रोवर,
एसएसपी