दबंगों के डर से नदी में कूदे थे दो युवक, एक की हो गई थी मौत
कसिहार। बेलीपार थाना क्षेत्र के मलांव चंदा घाट पुल के पास रविवार की दबंगों की पिटाई के डर से दो युवक नदी में कूद गए थे। एक बच गया, दूसरे का सोमवार को शव मिला था। मृतक अक्षय की मां ने मंगलवार को एसएसपी राज करन नय्यर से न्याय की गुहार लगाई। उन्होंने आरोपियों के नाम बढ़ाने की मांग भी की।
कतरारी की रहने वाली तोता देवी ने पुलिस को तहरीर देकर बताया था कि 11 जुलाई की शाम उनका बेटा अक्षय कुमार अपने मामा के लड़के अंगद प्रसाद के साथ कुछ सामान लेने के लिए जा रहा था। इसी बीच गांव में मलावं निवासी चंद्रेश गुप्ता, उसका भाई चंदन गुप्ता, सुमित गौंड, राहुल और कनइल का प्रदीप कुमार गोलबंद होकर घूम रहे थे। गांव में घूमने का कारण पूछने पर वे लोग गाली देने लगे थे। शोर सुनकर ग्रामीण पहुंचे तो वे भाग गए। इसके बाद रविवार की शाम अक्षय अपने ममेरे भाई अंगद को लेकर मौसी के घर जा रहा था। आरोप है कि मलांव चंदाघाट पुल पर दोनों के पहुंचने पर चंद्रकेश और चंदन ने उनकी बाइक की चाबी निकाल ली और अपने साथियों को बुला लिया। थोड़ी देर में स्काॅर्पियो से राॅड व हाॅकी लेकर कुछ और युवक पहुंचे और दोनों को पीटने लगे। आरोप है कि इसी बीच सुमित गाड़ी से तमंचा निकालकर आने लगा। यह देख अंगद बचने के लिए नदी में कूद गया। इसके बाद आरोपियों ने अक्षय को मारपीट कर नदी में फेंक दिया, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई। मामले में बेलीपार थाने में केस दर्ज है। मृतक अक्षय की मां तोता देवी ने जान से मारने की नीयत से मारपीट कर नदी में फेंकने की बात कहते हुए धारा बढ़ाने की मांग की है। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष ब्रजेश कुमार गौतम व जिला महासचिव रामनाथ यादव सहित पार्टी के कई नेता उपस्थित रहे।
शव पहुंचते ही जुटी भीड़
मृतक अक्षय कुमार का शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार की रात आठ बजे उसके गांव पहुंचा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग पहले से मौजूद रहे। बेलीपार पुलिस भी जगह-जगह मुस्तैद रही, ताकि कोई घटना न हो। शव का दाह संस्कार राप्ती नदी के तट पर मृतक के बड़े चाचा गामा ने किया।