पहले दीक्षांत समारोह के लिए तय हुआ ड्रेस कोड, पीले परिधानों और नीले उत्तरीय में दीक्षांत की गरिमा बढ़ाएंगे छात्र
30 जून को है एम्स का पहला दीक्षांत समारोह, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के 61 छात्र-छात्राओं को मिलेगी डिग्री
गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पहले दीक्षांत समारोह को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 30 जून को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक आयोजन के लिए ड्रेस कोड तय कर लिया गया है। छात्र पीले रंग का कुर्ता और पायजामा और छात्राएं पीली किनारे की पट्टी वाली पारंपरिक साड़ी में नजर आएंगी। इसके अलावा सभी छात्र-छात्राएं नीले रंग के उत्तरीय (स्टोल) में डिग्री प्राप्त करेंगे। इस पर एम्स का नाम और प्रतीक चिह्न भी दर्ज होगा।
एम्स प्रशासन की तरफ से छात्रों, शिक्षकों एवं स्टाफ के लिए वेशभूषा से संबंधित गाइडलाइन मेल कर दी गई है। दीक्षांत समारोह में कुल 61 छात्रों को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों डिग्री प्रदान की जाएगी, जिसमें 48 एमबीबीएस डॉक्टर, 8 एमएससी नर्सिंग और 5 एमएससी मेडिकल के छात्र-छात्राएं शामिल हैं।
एम्स की कार्यकारी निदेशक डॉ. विभा दत्ता ने बताया कि दीक्षांत समारोह को भव्य और गरिमामय बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। दीक्षांत समारोह की गरिमा और सांस्कृतिक एकरूपता बनाए रखने के उद्देश्य से छात्रों के लिए विशेष ड्रेस कोड निर्धारित किया गया है। छात्रों के ड्रेस कोड के निर्धारण से लेकर मंच की साज-सज्जा, मेहमानों के स्वागत और सुरक्षा व्यवस्था तक हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यह समारोह एम्स गोरखपुर के लिए एक ऐतिहासिक क्षण होगा, जहां पहली बार अपने पहले बैच को औपचारिक रूप से डिग्री प्रदान की जाएगी।
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ड्रेस कोड निर्धारण के बाद छात्रों के ग्रुप्स में हुई चर्चा
दीक्षांत समारोह की घोषणा और ड्रेस कोड जारी होते ही छात्रों में उत्साह का माहौल है। एमबीबीएस के पहले बैच के छात्र-छात्राएं इस पल को जीवन का सबसे यादगार क्षण मान रहे हैं। ड्रेस कोड की जानकारी मिलने के बाद छात्रों के विभिन्न ग्रुप्स में इसका उत्साह दिख रहा है।