दूरदराज से मरीजों का इलाज कराने आए तीमारदारों को रात गुजारने में परेशानी होगी दूर
गोरखपुर। एम्स में 500 बेड का विश्राम गृह बनाने की प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी। इससे मरीजों के साथ आए तीमारदारों को अत्यधिक सहूलियत होगी। उन्हें अस्पताल के बरामदे या खुले परिसर में रात नहीं गुजारनी पड़ेगी। एम्स के कार्यकारी निदेशक ने मुख्यमंत्री योगी से सोमवार को मिलकर शिलान्यास के लिए समय मांगा है।
एम्स में दूरदराज के जिलों के साथ नेपाल और दूसरे प्रदेश से इलाज कराने आने वाले मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। ऐसे में रैन बसेरे में मरीजों के साथ आए तीमारदारों के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। मरीजों का इलाज कराने आए तीमारदारों में से एक को मरीज के साथ रुकने की अनुमति रहती है। अन्य तीमारदारों को रात में अस्पताल के बरामदे या परिसर के खुले क्षेत्र में रात गुजारनी पड़ती है। इस दौरान बारिश और सर्दी के मौसम में उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। 500 बेड का विश्रामगृह बन जाने के बाद उन्हें सस्ते दर पर रात गुजारने के लिए सुरक्षित कमरा मिल सकेगा। विश्राम गृह का निर्माण पावरग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड की तरफ से सीएसआर फंड से किया जाएगा।
इसके लिए दोनों संस्थानों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए जा चुके है। कार्यकारी निदेशक डॉ. अजय सिंह ने बताया कि 500 बेड का विश्राम गृह बनने के बाद मरीजों के साथ तीमारदारों को भी परिसर में रात में ठहरने की सहूलियत बढ़ेगी। मुख्यमंत्री योगी से मिलकर उनसे विश्राम गृह के शिलान्यास के लिए समय की मांग किया गया है। उनका समय मिलते ही शिलान्यास की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।