सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को चलाने के लिए डॉक्टरों की कमी बनी थी बड़ी बाधा
एम्स। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सुपर स्पेशियलिटी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कॉर्डियो सर्जरी समेत 12 विभागों के नए डॉक्टर मिल गए हैं। इनमें न्यूरो सर्जरी में तीन, सीटीवीएस (कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी) में दो और न्यूरोलॉजी, रेडियोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, जनरल मेडिसिन, पीडियाट्रिक सर्जरी, सर्जिकल गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी और सर्जिकल आंकोलॉजी में 1-1 संकाय सदस्य चयनित हुए हैं।
सीटीवीएस विभाग में डॉक्टर मिल जाने से हृदय का जटिल ऑपरेशन एम्स में हो जाएगा। इससे शहर और आसपास के जिले के मरीजों को निजी अस्पतालों में नहीं जाना पड़ेगा। बता दें कि, एम्स में अब भी कई गंभीर बीमारियों का उपचार नहीं हो रहा है। इससे गंभीर हालत में आए मरीजों को बीआरडी मेडिकल कॉलेज के या दूसरे उच्च चिकित्सा संस्थान को रेफर करना पड़ता है। सुपर स्पेशियलिटी की सेवाएं मिलने से एम्स में इलाज की क्षमता में वृद्धि होगी।