चिड़ियाघर प्रशासन ने सीजेडए से साझा की बाघ केसरी की मौत की जानकारी
शेर, बाघ, तेंदुए सहित सभी जानवरों को हर साल लगानी होती है एआरवी
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बाघ केसरी की मौत के बाद केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (सीजेडए) ने सभी जानवरों की रिपोर्ट मांगी है। इसमें जानवरों के टीकाकरण से लेकर पेट के कीड़े मारने की दवा की जानकारी शामिल है। चिड़ियाघर प्रशासन यह रिपोर्ट तैयार कर रहा है। साथ ही बाघ केसरी की मौत की रिपोर्ट सीजेडए से साझा कर दी गई है।
पीलीभीत से रेस्क्यू कर लाए गए बाघ केसरी की मौत के बाद केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण दिल्ली सख्त है। प्राधिकरण ने दूसरे जानवरों के स्वास्थ्य और टीकाकरण संबंधी रिपोर्ट मांगी है। गोरखपुर चिड़ियाघर प्रशासन भी बाघ केसरी की मौत के बाद अलर्ट है और दूसरे जानवरों पर किसी तरह का रिस्क नहीं लेना चाहता है। सीजेडए ने रिपोर्ट में चिड़ियाघर में रहने वाले सभी जानवरों के टीकाकरण, पेट के कीड़े मारने की दवा से लेकर, कितने जानवरों की ब्रीडिंग हुई और कितने जानवरों की मौत इसका पूरा रिकॉर्ड मांगा है। इस पर चिड़ियाघर प्रशासन रिपोर्ट बनाने में जुट गया है।
शेर, बाघ, तेंदुए को लगता है रैबीज का टीका
चिड़ियाघर में शेर, तेंदुआ, बाघ, भेड़िया, लकड़बग्घा, हिप्पो, सियार सहित अन्य जानवरों को हर साल एंटी रैबीज वैक्सीन लगाई जाती है। इसके अलावा इन जानवरों को कीड़े मारने की दवा भी खिलाई जाती है। इसका पूरा रिकॉर्ड चिड़ियाघर को रखना होता है। यही रिकॉर्ड चिड़ियाघर प्रशासन साझा भी करता है।
बाघ केसरी की भेजी पोस्टमार्टम रिपोर्ट
बाघ केसरी की मौत के बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट चिड़ियाघर प्रशासन ने केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को भेज दी है। इंडियन वेटनेरी रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईवीआरआई), बरेली में बिसरा की जांच हुई। इसमें मौत का कारण हाइपॉवोलेमिक शॉक बताया गया। इसके अलावा दिमाग में 100 एमएल पानी जमा होना भी बताया गया है। यह भी बताया गया है कि बाघ केसरी को किसी तरह का कोई संक्रमण नहीं था।
कोट...
केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण को हर साल टीकाकरण सहित साल भर की गतिविधियों की पूरी रिपोर्ट दी जाती है। यह रिपोर्ट तैयार कराई जा रही है। बाघ केसरी की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी भेज दी गई है।
- डॉ. योगेश प्रताप सिंह, उप निदेशक एवं मुख्य पशु चिकित्साधिकारी