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Gorakhpur News: अधिवक्ताओं ने पैदल मार्च निकालकर किया प्रदर्शन, एसएसपी से मिले

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गोरखपुर। दीवानी कचहरी में अधिवक्ता पर हमला करने आए आरोपियों में एक की गिरफ्तारी न होने और बड़हलगंज में अधिवक्ता से मारपीट में केस दर्ज न होने से नाराज अधिवक्ता सोमवार को सड़क पर उतर आए। कचहरी से पैदल मार्च करते हुए एसएसपी कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन करने लगे। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष भानु पांडेय, मंत्री गिरजेश मणि त्रिपाठी की अगुवाई में पहुंचे अधिवक्ताओं ने एसएसपी के सामने अपना पक्ष रखा और लापरवाही बरतने पर कैंट इंस्पेक्टर संजय सिंह को हटाए जाने की मांग की। एसएसपी ने कचहरी परिसर मारपीट के मामले में एक आरोपी के गिरफ्तार किए जाने की जानकारी दी और अन्य मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद अधिवक्ता कचहरी लौट गए।
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एसएसपी से सबसे पहले अधिवक्ताओं ने कैंट थाने के प्रकरण पर बात की। एसएसपी ने पीड़ित अधिवक्ता रविंद्र दुबे से घटना क्रम समझा और उसे नोट किया। एसएसपी ने अधिवक्ता के गोली चलाने के आरोप पर सवाल जवाब किया। इसके बाद सीओ कैंट को कचहरी जाकर इसकी जांच करने के लिए कहा। पीड़ित को आश्वासन दिया कि जो जांच कर साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद अधिवक्ता कैंट थाना प्रभारी को तत्काल हटाने की मांग करने लगे। इस पर एसएसपी ने उन्हें समझाते हुए कहा कि जांच पड़ताल के बाद ही थानाध्यक्ष संजय सिंह को इधर से उधर किया जाएगा।
अधिवक्ता मानने को तैयार नहीं हो रहे थे, इसको लेकर करीब आधे घंटे तक बहस चली। बाद में सभी अधिवक्ता माने। इस दौरान धीरेंद्र दुबे, अभिमन्यु पांडेय, उमापति उपाध्याय, जितेंद्र धर दुबे, मोहम्मद अहमद, देवी शरण चतुर्वेदी, सतीश द्विवेदी, डाॅ. सुभाष शुक्ल, आशीष पांडेय, रवि पांडेय, अजय पांडेय, मृत्युंजय राज सिंह, रवि प्रकाश शुक्ल, अजय शुक्ला, सतीश द्विवेदी, रवि पांडेय, राजेश कुमार पांडेय आदि मौजूद रहे।
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वहीं कचहरी परिसर में मारपीट के मामले में दूसरे पक्ष की चिलुआताल क्षेत्र की महिला भी केस दर्ज कराने के लिए अधिकारियों के दफ्तर दौड़ रही है। महिला का आरोप है कि मेरा भाई अपने दोस्त के साथ कचहरी केस के सिलसिले में गया था, वहां पर अधिवक्ताओं ने उसे पीटा था। इसमें दोनों को चोटें आई थीं।
दरअसल, 20 नवंबर को कचहरी परिसर में मारपीट हो गई थी। इसमें अधिवक्ता रविंद्र धर दुबे ने कैंट थाने में हत्या की कोशिश का केस दर्ज कराया है। अब आरोपियों की गिरफ्तारी और प्रभारी को हटाने की मांग की जा रही है। दूसरा मामला बड़हलगंज का है। इसमें थाने में घुसकर मारने पीटने के आरोप में एक अधिवक्ता के पुत्र पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। इस मामले में अब अधिवक्ता दूसरे पक्ष पर भी केस दर्ज करने की मांग कर रहे हैं।
गोली चलने की नहीं हुई पुष्टि
अभी तक की पुलिस की जांच में गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है। कचहरी सुरक्षा में लगाई गए स्पेशल सिक्योरिटी फोर्स (एसएसएफ) ने भी अपने रिपोर्ट में ऐसी किसी घटना से इन्कार कर दिया है। हालांकि, अधिवक्ताओं की मांग पर इस प्रकरण की जांच सीओ कैंट को सौंपी गई है।
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