बरेली के राहुल ब्रांड हल्दी और शाहजहांपुर के शाही मसूर ब्रांड के नमकीन में मिलावट की पुष्टि
जौनपुर के हंस ब्रांड घी और आगरा के हींग वाले मिक्सचर नमकीन के नमूने भी फेल
गोरखपुर। मिलावटखोरों ने रसोईघर की जरूरी सामग्री हल्दी और घी को भी नहीं बख्शा। जौनपुर के हंस ब्रांड घी में मिलावट पाई गई है। शाहजहांपुर में पकड़ी गई बरेली के राहुल ब्रांड की हल्दी और शाहजहांपुर के शाही मसूर ब्रांड नमकीन के नमूने भी फेल हो गए हैं। आगरा का हींग वाला मिक्सचर नमकीन भी मानक पर खरा नहीं उतरा है। इन सभी ब्रांड के जांच किए गए बैच नंबर के उत्पाद को पूरे प्रदेश से वापस लेने का आदेश खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने दिए हैं।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की तरफ से प्रदेश के अलग-अलग जनपदों में की गई सैंपलिंग की रिपोर्ट आई है। रिपोर्ट से पता चला है कि इनमें से कई खाद्य सामग्री असुरक्षित हैं। मतलब इनको खाने से सेहत को गंभीर नुकसान हो सकता है।
इस रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा आयुक्त उत्तर प्रदेश की तरफ से पत्र जारी कर असुरक्षित पाए गए ब्रांड वाले उत्पादों को बाजार से तत्काल वापस लेने का निर्देश संबंधित फर्मों को दिया गया है। जिलों का खाद्य सुरक्षा विभाग भी इस बात की निगरानी करेगा कि संबंधित लॉट नंबर का माल कहीं बिक तो नहीं रहा।
खाद्य सुरक्षा विभाग की तरफ से मिली जानकारी के अनुसार, वृंदा फूड इंडस्ट्रीज शाहजहांपुर के उत्पाद शाही मसूर नमकीन का सैंपल 24 सितंबर को लिया गया था। शाहजहांपुर के ही मिरानपुर कटरा के व्यापारी प्रदीप कुमार अग्रवाल की दुकान से राहुल ब्रांड हल्दी का नमूना 5 अप्रैल-24 को लिया गया था। यह हल्दी शिवरतन फूड इंडस्ट्रीज गोसाईगंज बरेली की ब्रांड है।
आगरा के आपके फूड इंडस्ट्रीज दयालबाग के उत्पाद हींग वाला मिक्सचर नमकीन का नमूना 16 सितंबर-24 को लिया गया था। इसके अलावा मऊ जिले के चिरैयाकोट से दुकानदार हृदयनारायण जायसवाल से हंस ब्रांड घी का नमूना 16 दिसंबर को लिया गया था। यह घी हंस डेयरी प्रोडक्ट्स जौनपुर का है। इन सभी प्रोडक्ट्स के जांच नमूने की रिपोर्ट में इन्हें असुरक्षित माना गया है। इसीलिए खाद्य आयुक्त ने संबंधित कंपनियों को इन प्रोडक्ट्स के जिस बैच नंबर की जांच हुई है, उन्हें वापस लेने का निर्देश दिया है।
सहायक आयुक्त खाद्य डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि शासन की तरफ से जिन चार ब्रांड की वापसी के आदेश जारी किए गए हैं, उनकी जांच की जाएगी। अगर बाजार में प्रतिबंधित बैच नंबर का प्रोडक्ट बिका तो संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।