छह ब्लॉकों की रिपोर्ट में तीन करोड़ से ज्यादा आय-व्यय में अंतर
सीडीओ ने रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए सप्ताह भर की दी मोहलत
प्रधान चुनाव के दौरान नियुक्त किए गए थे एडीओ पंचायत बनाए गए थे प्रशासक
गोरखपुर। पिछले ग्राम पंचायत चुनाव के दौरान वर्ष 2020 में निर्माण व अन्य कार्यों के लिए आवंटित धनराशि में प्रशासकों ने पहले गोलमाल किया और अब जांच में सहयोग से कतरा रहे हैं। प्रशासन को छह ब्लाॅकों की ही रिपोर्ट मिली है जिसमें साढ़े तीन करोड़ का हिसाब नहीं मिल पाया है। सीडीओ ने सभी प्रशासकों को रिमाइंडर भेजकर सप्ताह भर का समय देते हुए रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा है। इसके बाद भी अगर रिकॉर्ड नहीं मिलता है तो रिकवरी की कार्रवाई हो सकती है।
जिले के 18 ब्लाॅकों में हुई जांच में पांच ब्लॉकों की रिपोर्ट आ गई है, जिसमें तीन करोड़ से ज्यादा की धनराशि का हिसाब-किताब नहीं मिला है। प्रशासक नियुक्त किए गए एडीओ पंचायत और सचिव ने जांच में सहयोग भी नहीं किया। जांच कमेटियों ने रिकवरी के साथ ही विधिक कार्रवाई की संस्तुति की है। जिला पंचायत राज अधिकारी ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की दी है।
दिसंबर 2020 में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो गया था और नया चुनाव मई 2021 तक हुआ। इस दौरान ग्राम पंचायतों में निर्माण व अन्य कार्य प्रभावित न होने पाए इसके लिए एडीओ पंचायत के प्रशासक नियुक्त किया गया। इन प्रशासकों ने मौके का लाभ उठाकर जमकर गोलमाल किया। इसकी शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता संजय मिश्रा ने 30 जनवरी 2024 और 7 फरवरी 2024 को निदेशक पंचायती राज को पत्र लिखकर ग्राम पंचायत को चुनाव के दौरान आवंटित धनराशि में अनियमितता की शिकायत कर जांच की मांग की। इसके बाद डीएम ने जांच शुरू करा दी। पता चला कि जिले के 19 ग्राम पंचायतों में धनराशि आवंटित की गई। पिछले महीने छह ब्लॉकों की जांच रिपोर्ट मिली, जिसमें जांच में सहयोग न करने और रिकॉर्ड उपलब्ध न कराने की बात कही गई है। हर जगह आय और व्यय में अंतर पाया गया है। जबकि 13 ब्लॉक की रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
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कोट
सभी ब्लॉकों में नियुक्त किए प्रशासकों को रिमाइंडर भेजा गया है। पत्रवलियां उपलब्ध कराने के लिए सप्ताह भर का समय दिया गया है। इस बीच में अगर वे सहयोग नहीं करते हैं और फिर रिकवरी की कार्रवाई कराई जाएगी।
- संजय मीणा, सीडीओ