गोरखपुर। त्वरित और जल निकासी योजनाओं की जांच के लिए मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने पांच इंजीनियरों की टीम बना दी है। प्रस्तावित परियोजनाओं का एस्टीमेट भी जांचेगी।
नगर निगम के मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि पिछली बार एक अधिशासी अभियंता पर आरोप लगा था कि उन्होंने छह महीने पहले बनी सड़क को उखाड़कर वहां दोबारा बनवा दी थी। मामले में कार्रवाई जारी है। इसे देखते हुए इस बार जो प्रस्ताव बनाए गए हैं। उसकी जांच के लिए पांच इंजीनियरों को लगाया गया है। सभी इंजीनियर दूसरे के क्षेत्र में जाकर देखेंगे। साथ ही जांच में यह देखेंगे कि जो प्रस्ताव बना है, वह उपयोगी है या नहीं। सड़क या नाली का जो प्रस्ताव दिया गया है, वह कितना उपयोगी है। साथ ही नाली की डिजायन भी जांची जाएगी। ये भी देखा जाएगा कि जिस सड़क या नाली का प्रस्ताव बनाया गया है। वहां कब सड़क या नाली बनी। उसकी स्थिति क्या है। मुख्य अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि इसके बाद भी कोई मामला पकड़ में आया तो प्रस्ताव बनाने और उसकी जांच करने वाले पर कार्रवाई की जाएगी।