गोरखपुर। एसएससी की ऑनलाइन परीक्षा में फर्जीवाड़ा कर सरकारी नौकरी पाने का मामला जांच में सही पाया गया है। एसटीएफ की जांच में नौसड़ स्थित स्वास्तिक ऑनलाइन सेंटर पर परीक्षा के दौरान कंप्यूटर मॉनिटर बदलकर 22 परीक्षार्थियों को मदद पहुंचाने की पुष्टि के बाद एसटीएफ की तरफ से गीडा थाने में छह नामजद व परीक्षा केंद्र के कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करा दिया गया है। जांच में पता चला है कि बदले गए मॉनिटर पर एनी डेस्क के माध्यम से पेपर सॉल्व किए गए। इसमें फर्जीवाड़ा कर 22 लोगों को सरकारी नौकरी मिलने की शिकायत मिली थी।
जानकारी के मुताबिक, झाझर निवासी चरण सिंह चौधरी ने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर परीक्षा में धांधली का आरोप लगाया था। राष्ट्रपति कार्यालय से एसएससी मुख्यालय दिल्ली को पत्र भेजा गया। मुख्यालय ने प्रयागराज भर्ती बोर्ड से जवाब मांगा। इसके बाद यूपी एसटीएफ को जांच सौंपी गई। जांच हुई तो सीसीटीवी कैमरे से पूरी घटना साफ हो गई है। जांच में पाया गया है कि 22 अभ्यर्थियों के मॉनिटर को बदला गया था, जबकि एक अभ्यर्थी को सॉल्वर के बगल में ही बैठाया गया। इन सभी के मॉनिटर को एनी डेस्क के जरिए सॉल्वर ने लेकर परीक्षा पास करा दी। इसके बदले एक अभ्यर्थी से 10 लाख रुपये लेने की बात भी सामने आई है।
इस मामले में गोरखपुर एसटीएफ प्रभारी सत्यप्रकाश सिंह की तहरीर पर शुक्रवार को गीडा थाने में गोरखनाथ निवासी जुगेश कुमार गौतम, बेलघाट के कुरी बाजार निवासी अवनीश कुमार गौतम, बड़हलगंज निवासी परमहंस यादव, कैंट के मोहद्दीपुर निवासी राजीव रंजन शर्मा, बिछिया निवासी उमाशंकर मिश्रा, पीपीगंज निवासी रामस्वरूव यादव और ऑनलाइन परीक्षा केंद्र वाली संस्था के कर्मचारियों पर केस दर्ज कर लिया गया है।
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एसटीएफ की ओर से आई जांच रिपोर्ट के आधार पर गीडा थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस जांच और साक्ष्यों के आधार पर अगली कार्रवाई करेगी।
-डॉ. गौरव ग्रोवर, एसएसपी