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Gorakhpur News: साहबगंज मंडी में पकड़ी गई 15 बोरी काली मिर्च, नकली होने की आशंका

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साहबगंज किराना कमेटी कई दिन से लगी थी इनकी सुराग में
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ट्रांसपोर्ट से आई थी 125 बोरी काली मिर्च, टेंपो से भेजकर दूसरी जगह छिपा दी गई

गोरखपुर। कानपुर से आई 125 बोरी काली मिर्च में से 15 बोरी को सोमवार रात खाद्य सुरक्षा विभाग ने नकली होने की आशंका में पकड़ लिया। शेष को ट्रांसपोर्टर ने दूसरी जगह भेजवा दिया। साहबगंज किराना कमेटी के व्यापारियों के साथ पहुंची खाद्य सुरक्षा विभाग की इस जांच का ट्रांसपोर्टर ने विरोध भी किया। लालडिग्गी पार्क के पुरानी मछली मंडी स्थित एक ट्रांसपोर्टर के गोदाम में यह काली मिर्च उतारी गई थी। मंगलवार को इसका सैंपल जांच के लिए भेजा जाएगा। जिस गोदाम से काली मिर्च पकड़ी गई है, उसके पास फूड ट्रांसपोर्ट एवं स्टोरेज का लाइसेंस ही नहीं था।
साहबगंज किराना कमेटी के मंत्री गोपाल जायसवाल ने बताया कि गोरखपुर से शहर के अलावा बिहार और नेपाल तक काली मिर्च जाती है। असली काली मिर्च कर्नाटक से आती है। लेकिन कानपुर से धंधेबाजों का एक गिरोह हर दिन नकली काली मिर्च की खेप भेजता है। उपाध्यक्ष अनिल जायसवाल ने बताया कि असली काली मिर्च का रेट 670 से 800 रुपये किलो है, जबकि यह मिलावटी काली मिर्च 375 से 410 रुपये किलो बिक रही है। इससे अच्छे व्यापारियों को काफी नुकसान हो रहा था। व्यापारी कई दिन से इस नकली काली मिर्च की तलाश में लगे थे। सोमवार शाम सात बजे एक ट्रक पर 125 बोरी काली मिर्च आने की जानकारी मिली। रात 10 बजे खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम के साथ वे लोग ट्रांसपोर्टर के गोदाम पर पहुंचे। वहां खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने गोदाम में रखे माल की फोटो-वीडियो बनवाकर बताया कि मंगलवार को नमूने लिए जाएंगे। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और व्यापारियों ने गोदाम में मिले काली मिर्च के दानों की जांच के लिए गिलास के पानी में डाला तो दाने ऊपर तैरने लगे।
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नकली काली मिर्च पकड़वाने पहुंचे व्यापारियों ने एक ठेले पर रखी काली मिर्च की बोरियाें को रोक लिया, लेकिन शोरगुल के दौरान ठेला वाला माल लेकर भाग गया। इस दौरान व्यापारी मनोज बंसल, दिनेश गुप्ता, रितेश जायसवाल, अशोक मालानी, दीपक छापोलिया एवं अतुल अग्रवाल सहित अन्य लोग थे।
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मिलावटी काली मिर्च से हो सकती है स्किन एलर्जी
व्यापारियों ने बताया कि काली मिर्च में अक्सर पपीते के बीज, चाॅक पाउडर, पत्थर या कृत्रिम रंग जैसे पदार्थों की मिलावट की जाती है, ताकि वजन बढ़ाया जा सके। पपीते के बीज की पहचान के लिए पानी में काली मिर्च डालेंगे तो असली काली मिर्च डूब जाएगी, वहीं, पपीते का बीज ऊपर आ जाएगा। काली मिर्च को गर्म करने पर विशिष्ट सुगंध आती है जबकि मिलावटी में कोई गंध नहीं आती। इस मिलावटी काली मिर्च का सेवन करने से स्किन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। ज्यादा मात्रा में काली मिर्च का सेवन करने से स्किन पर खुजली, जलन और लाल रंग के रैशेज हो सकते हैं। दरअसल, काली मिर्च की तासीर काफी गर्म होती है, अगर इसका सेवन ज्यादा मात्रा में किया जाए, तो ये स्किन संबंधी एलर्जी का कारण बन सकती है।
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