शासन की ओर से नामित टीम बुधवार को चिड़ियाघर पहुंची
गोरखपुर। चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू का मामला आने के बाद शासन स्तर से निगरानी बढ़ा दी गई है। शासन की ओर से नामित टीम बुधवार को चिड़ियाघर पहुंची। टीम ने वन्यजीवों के स्वास्थ्य की जांच की। उधर, 105 कर्मियों के सैंपल की रिपोर्ट आ गई है। सभी की रिपोर्ट निगेटिव है, किसी में संक्रमण नहीं मिला है।
शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणि उद्यान में बाघिन शक्ति की मौत बर्ड फ्लू से हुई थी। राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान, भोपाल से रिपोर्ट आने के बाद से हड़कंप मच गया। इसके बाद प्रदेश के सभी चिड़ियाघरों को 20 मई तक बंद कर दिया गया। शासन की ओर से नामित टीम बुधवार को चिड़ियाघर पहुंची।
इसमें अपर निदेशक कुक्कुट डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. अश्वनी तिवारी और डॉ. अनवर आलम शामिल रहे। टीम ने वेटलैंड को देखा। यहां काफी संख्या में प्रवासी पक्षी देखने को मिले। आशंका जताई कि इनसे भी संक्रमण फैल सकता है। टीम ने बाड़ों के पास जाकर वन्यजीवों को देखा। पक्षियों के स्वास्थ्य की जांच की। चिड़ियाघर में हुई वन्यजीवों की मौत को लेकर चिकित्सकों से सवाल-जवाब किए।
कर्मियों में नहीं मिले लक्षण
आरएमआरसी के निदेशक डॉ. हरिशंकर जोशी ने बताया कि चिड़ियाघर के 105 कर्मियों का बर्ड फ्लू जांच के लिए सैंपल लिया गया था। जांच रिपोर्ट में सभी निगेटिव मिले हैं। मनुष्यों में बर्ड फ्लू के मामले जल्दी नहीं मिलते हैं। फिर भी एहतियातन सभी कर्मियों को सावधानी बरतने के लिए कहा गया है। किसी तरह के लक्षण मिलने पर दोबारा जांच की जाएगी।