नगर निगम के स्वास्थ्य कर्मी सफाई करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला।
कोरोना वायरस को रोकने के लिए छेड़ी गई ‘जंग’ में डॉक्टरों और सिपाहियों के अलावा नगर निगम स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का भी योगदान है। जब शहरवासी अपने घरों में सुरक्षित हैं, तब ये कर्मी सड़क, मोहल्लों की सफाई और दवा, सैनिटाइजर का छिड़काव कर और कोरोना वायरस के वार को कमजोर करने में जुटे हैं।
एक पखवाड़े से इनकी छुट्टी निरस्त है। रोजाना 18 घंटे काम करना पड़ रहा है। सफाई की दिनचर्या नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, मुख्य सफाई निरीक्षक पीएन गुप्ता और अखिलेश श्रीवास्तव के निर्देश में सुबह पांच बजे से शुरू हो जाती है, जो रात तकरीबन 10 बजे तक चलती है।
2500 सफाई कर्मचारी और 80 सुपरवाइजर दिन-रात 70 वार्डों की सफाई में लगे हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में सैनिटाइजर कराया जा रहा है। नगर स्वास्थ्य अधिकारी कहते हैं कि जो कर्मी दोपहर दो बजे तक ड्यूटी करते थे, वे अब रात दस बजे तक रहते हैं। कोरोना वारियर्स की सूची में सफाई कर्मियों का नाम भी है, जो सड़कों और मोहल्लों को साफ-सुथरा बनाए रखने के लिए अपने घरों से बाहर हैं।
शहर की हर गली, मोहल्लों में सोडियम हाइपो क्लोराइड का छिड़काव कर रहे हैं। जनता कर्फ्यू के बाद से अब तक नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग के किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को छुट्टी नहीं मिली है। सब बिना रुके, बिना थके कोरोना वायरस को हराने में लगे हैं।