कई कॉलोनियों को नियमित करने के प्रस्ताव पर नहीं हो पाया कोई निर्णय
महायोजना में शामिल प्रस्ताव के मुताबिक भू-उपयोग परिवर्तित कर करीब 100 कॉलोनियों को नियमित किया गया है। हालांकि ग्रीन लैंड में बसी रामजानकीनगर, इंदिरा नगर, देवरिया बाईपास रोड समेत विभिन्न इलाकों के कई कॉलोनियों को नियमित करने के प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं हो पाया। जंगल धूषण के आगे एक कालोनी डंपिंग ग्राउंड पर विकसित कर दी गई है।
जीडीए ने कॉलोनी में बने मकानों के ध्वस्तीकरण का आदेश भी दे रखा है। इसी तरह गोरखनाथ से बरगदवां रोड के बीच पूर्व पार्षद और अन्य प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा विकसित आधा दर्जन कॉलोनियां हरित क्षेत्र में विकसित कर दी गई हैं। सिक्टौर के आसपास भी कई कॉलोनियां हरित क्षेत्र में विकसित कर दी गई हैं। नई महायोजना के प्रस्ताव के मुताबिक, ग्रीन लैंड एवं खुला क्षेत्र के भू उपयोग को उसी रूप में रखा गया है। ग्रीन लैंड पर बसी कॉलोनियों के लोग भी आपत्ति दाखिल कर कॉलोनी को नियमित कराने की अपील कर सकते हैं। उनकी आपत्तियों के बाद नियमित होने की संभावना बनी रहेगी।
पहले थी तैयारी, बाद में खींचना पड़ा हाथ
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक महायोजना में पहले हरित क्षेत्र में बसी कॉलोनियों का भू उपयोग बदलकर वहां के निर्माण को भी वैध करने की तैयारी थी । मगर सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद कदम पीछे खींचना पड़ा। एक मामले में सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि ग्रीन लैंड का भू-उपयोग नहीं बदला जा सकता है।