सिपाहियों ने प्रतिमा ले जा रही ट्रॉली में लगे लोहे के एंगल को हटाने का अनुरोध भी किया था, लेकिन श्री श्री नव दुर्गा समिति के सदस्यों ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद रजई चौराहे के पास डीजे की लोहे की रेलिंग हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई।
गुलरिहा थाना क्षेत्र के जंगल अयोध्या प्रसाद में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुए हादसे के मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में दो सिपाहियों को निलंबित कर दिया गया है। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने सिपाही धनंजय और सलमान के खिलाफ कार्रवाई करते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं। दोनों पर बिजली विभाग से समन्वय किए बिना प्रतिमा विसर्जन के लिए जुलूस आगे बढ़ाने का आरोप है। हादसे में सिपाही धनंजय भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गए थे। उनका उपचार चल रहा है।
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जानकारी के अनुसार, हादसे से पहले चार दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन कराया जा चुका था। उस दौरान बिजली आपूर्ति बंद थी। इसके बाद पांचवीं प्रतिमा लेकर जुलूस आगे बढ़ रहा था। सिपाही धनंजय और सलमान भी जुलूस के साथ चल रहे थे। आरोप है कि दोनों ने बिजली आपूर्ति बंद होने की बात कहते हुए वाहन आगे बढ़ाने को कहा। हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि उस समय बिजली विभाग से आपूर्ति बंद होने की पुष्टि की गई थी या नहीं।
बताया गया कि सिपाहियों ने प्रतिमा ले जा रही ट्रॉली में लगे लोहे के एंगल को हटाने का अनुरोध भी किया था, लेकिन श्री श्री नव दुर्गा समिति के सदस्यों ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद रजई चौराहे के पास डीजे की लोहे की रेलिंग हाईटेंशन तार के संपर्क में आ गई। करंट की चपेट में आने से तीन युवकों की मौत हो गई, जबकि नौ लोग घायल हो गए।
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हादसे के बाद मामले की जांच शुरू की गई। लापरवाही के आरोपों के आधार पर एसएसपी ने दोनों सिपाहियों को निलंबित कर विभागीय जांच के निर्देश दिए हैं। जांच में यह स्पष्ट होगा कि हादसे के दौरान सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन हुआ था या नहीं और किस स्तर पर चूक हुई।