गीडा में एक और फैक्ट्री जल्द, खाद कारखाने के लिए बनेंगे बैग
गोरखपुर। औद्योगिक क्षेत्र गीडा में एक और फैक्ट्री की नींव पड़ने वाली है। मॉडर्न लैमिनेटर्स यहां करीब 200 करोड़ की लागत से प्लास्टिक बैग बनाने की एक और फैक्ट्री लगाएगी। करीब 100 करोड़ रुपये निवेश के साथ इसमें प्रथम चरण में कम से कम 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। अगले दो साल में यह संख्या बढ़कर करीब 1000 तक हो जाने की उम्मीद है।
लैंड बैंक की कमी झेल रहे गीडा प्रशासन ने जैसे ही जमीन का अधिग्रहण शुरू किया, वैसे ही फैक्ट्री लगाने वालों ने प्रस्ताव देना शुरू कर दिया है।
अयोध्या (फैजाबाद) की कंपनी अमृत बॉटलर्स ने करीब 200 करोड़ की लागत से कोका कोला का बॉटलिंग प्लांट लगाने का प्रस्ताव गीडा प्रशासन को दिया है। इसके लिए गीडा प्रशासन की ओर से भीटी रावत में दिखाई गई जमीन पर कंपनी ने सहमति भी जता दी है। वहीं सेलो क्रॉकरी कंपनी भी करीब 50 करोड़ रुपये का निवेश कर गीडा में फैक्ट्री लगाने की योजना बना रही है। इनके अलावा गीडा की मॉडर्न लैमिनेटर्स ने अपनी फैक्ट्री के विस्तार की योजना तैयार की है। करीब पांच एकड़ जमीन गीडा प्रशासन से डिमांड की गई है। गीडा प्रशासन की ओर से भी जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति जता दी गई है।
आने वाले समय में खाद कारखाने में पैकिंग के लिए बैग की काफी डिमांड रहेगी। गीडा में स्थापित एक फैक्ट्री में इसका उत्पादन किया जा रहा है, लेकिन आने वाले समय की जरूरत को देखते हुए फैक्ट्री ने विस्तारीकरण के क्रम में एक नई फैक्ट्री लगाने का निर्णय लिया गया है। गीडा प्रशासन ने जमीन देने पर सहमति जता दी है। करीब 100 करोड़ के पूंजी निवेश की योजना है। इस फैक्ट्री में काफी संख्या में लोगों को रोजगार भी मिलेगा। प्रथम चरण में कम से कम 500 लोगों को रोजगार मिलेगा। वहीं करीब दो साल बाद कम से कम 1000 कामगार इस फैक्ट्री से जुड़ जाएंगे।
- किशन बथवाल, एमडी, मॉडर्न लैमिनेटर्स
मॉडर्न लैमिनेटर्स के एमडी की ओर से फैक्ट्री के विस्तारीकरण के क्रम में जमीन की डिमांड की गई है। जमीन के अधिग्रहण के बाद कंपनी को उपलब्ध कराई जाएगी।
- संजीव रंजन, सीईओ गीडा
क्रॉकरी फैक्ट्री में भी मिलेगा करीब 400 लोगों को रोजगार
गोरखपुर। मुंबई में क्रॉकरी की फैक्ट्री संचालित कर रहे गोरखपुर के उद्यमी राजीव अग्रवाल ने गीडा औद्योगिक क्षेत्र में करीब 50 करोड़ की लागत से सेलो की क्रॉकरी फैक्ट्री लगाने का प्रस्ताव गीडा प्रशासन को दिया है। इसके लिए तीन एकड़ जमीन की मांग को भी गीडा प्रशासन ने स्वीकार कर लिया है। इस फैक्ट्री में करीब 400 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।