सुमेर सागर: नर्सिंग होम समेत आधा दर्जन निर्माण ध्वस्त कराए गए
गोरखपुर। सुमेर सागर ताल की जमीन पर हुए निर्माण के खिलाफ जिला प्रशासन ने करीब एक पखवारे बाद फिर कार्रवाई की। प्रशासन की टीम ने झमाझम बारिश के बीच डॉ. आरएन सिंह के क्लीनिक समेत आसपास के करीब आधा दर्जन अस्थायी निर्माण को ध्वस्त कर दिया। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट गौरव सिंह सोगरवाल का कहना है कि बार-बार नोटिस देने के बाद भी कुछ लोग अपना निर्माण नहीं हटा रहे। प्रशासन एक-एक कर सभी अवैध निर्माण ध्वस्त कराएगा ताकि सुमेर सागर ताल को दोबारा ताल का स्वरूप दिया जा सके।
उधर, डॉ आरएन सिंह का आरोप है कि प्रशासन निरंकुशता की सारी हदें पार कर चुका है। बिना नोटिस दिए भीषण बारिश और लॉकडाउन के बीच सुबह 8.40 बजे ही उनका क्लीनिक तोड़ दिया गया। उन्हें सूचना तक नहीं दी गई। बताया कि इस मामले में उन्होंने हाईकोर्ट में रिट दाखिल कर रखी है। 27 जुलाई को इसमें सुनवाई थी, जिसमें कोर्ट ने अतिरिक्त महाधिवक्ता से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई किस आधार पर की जा रही है जैसे तमाम बिंदुओं पर जवाब मांगा था। 28 जुलाई यानी मंगलवार को प्रशासन केे जवाब देना था मगर उसके पहले ही उनका निर्माण ध्वस्त कर दिया गया।
हाईकोर्ट बुलाए गए ज्वाइंट मजिस्ट्रेट
ताल सुमेर सागर मामले में मंगलवार की सुबह हुई कार्रवाई के संबंध में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट व एसडीएम सदर गौरव सिंह सोगरवाल को हाईकोर्ट ने बुधवार को दोपहर दो बजे तक उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का आदेश दिया है। ताल की जमीन पर बने क्लीनिक को लेकर डॉ. आरएन सिंह की पत्नी डॉ. वीना सिंह की तरफ से हाईकोर्ट में रिट दाखिल की गई थी जिसपर मंगलवार को सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के जज जेजे मुनीर ने उन्हें बुधवार को कोर्ट में उपस्थित होकर क्लीनिक तोड़े जाने के संबंध में अपना पक्ष रखने को कहा है।