गोरखपुर नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल के नेतृत्व में नगर निगम गोरखपुर को कचरा मुक्त शहर की श्रेणी में थ्री स्टार रेटिंग हासिल हुई है। हालांकि, नगर निगम की तरफ से इस श्रेणी के लिए 5 स्टार रेटिंग का दावा किया गया था। इसके अलावा प्रदेश में गाजियाबाद, अलीगढ़, आगरा, लखनऊ, कानपुर, झांसी, वाराणसी को भी थ्री स्टार मिला है।
2023 से नगर निगम ने गार्बेज फ्री सिटी बनाने के लिए सभी मानकों पर कार्य किया। रात्रिकालीन सफाई शुरू करवाने की व्यवस्था शुरू कराई। कूड़ा पड़ावों हटाना, घरों से कूड़ा उठाने की व्यवस्था लागू करना, जियो मैपिंग, बल्क वेस्ट जेनरेटर्स को व्यवस्थित करने, शहर का सुंदरीकरण व ऑन साइट कंपोस्टिंग, सेनट्री, गली-मोहल्लों में कूड़ा अन्य स्तर के कामों को व्यवस्थित कराया।
इसके अलावा सीएंडडी वेस्ट प्रोसेसिंग एंड रिसायकल, एमआरएफ प्लांट लगाने, सेनिटरी एंड डोमेस्टिक हेजार्ड वेस्ट का निस्तारण, डोर-टू-डोर कूड़ा वाहनों की माॅनीटरिंग के लिए जीपीएस लगाकर व्यवस्थाओं व सुविधाओं को बेहतर बनाया। स्टार रेटिंग होने से निगम को स्वच्छ सर्वेक्षण में अधिक अंक मिलेंगे। रेटिंग के बाद अब स्वच्छ भारत सर्वेक्षण की गणना में गोरखपुर भी अपनी मौजूदा दावेदारी दिखा सकेगा।
कूड़ा मुक्त शहर के इन मानकों पर खरा उतरा निगम
घर से कूड़ा उठान, स्रोत पर ही सूखा-गीला कूड़ा की छंटनी, झाडू लगाने की टाइमिंग, बल्क वेस्ट प्रोसेसिंग, निर्माण व विध्वंस वेस्ट का एकत्रीकरण, छंटनी, प्रोसेसिंग व रिसायक्लीनिंग, डंप साइट पर कचरा का निस्तार, प्लास्टिक पर प्रतिबंध, शिकायत व सुनवाई की व्यवस्था, यूजर चार्ज, जनजागरूकता कार्यक्रम, साइंटिफिक लैंडफिल, कचरा मुक्त जलाशय, सुविधा स्थलों, वार्डों जलाशयों की जियो मैपिंग, शहर का सुंदरीकरण, खतरनाक घरेलू कचरे का निस्तारण, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट की डिजिटल निगरानी।