दरअसल, हाल ही में तीन दिवसीय दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि स्थानीय कलाकारों को ध्यान में रखते हुए छोटे स्तर पर महोत्सव का आयोजन किया जाए ताकि उन्हें अपनी मेधा का प्रदर्शन करने के लिए मंच मिल सके। इससे कई सालों से चली आ रही महोत्सव के आयोजन की परंपरा भी नहीं टूटेगी और भीड़ कम होने से कोविड- 19 के प्रोटोकॉल का भी पूरी तरह पालन हो सकेगा। बैठक में डीएम के. विजयेंद्र पांडियन समेत पर्यटन विभाग, जीडीए, नगर निगम समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
महोत्सव के दौरान एक ही जगह पर भीड़ न लगे इसलिए गोरखपुर यूनिवर्सिटी के दीक्षा भवन व संवाद भवन के अलावा रामगढ़ताल परियोजना क्षेत्र स्थित निर्माणाधीन ऑडिटोरियम और मुक्ताकाशी मंच में भी कुछ कार्यक्रमों के आयोजन की तैयारी है। इसी के मद्देनजर बैठक के बाद कमिश्नर और डीएम ने विभिन्न विभागों के अफसरों के साथ पहले ऑडिटोरियम और फिर मुक्ताकाशी मंच का निरीक्षण किया।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि ऑडिटोरियम का काम तकरीबन पूरा हो चुका है। जो छोटे-छोटे कुछ काम बाकी है, उन्हें 10 जनवरी तक पूरा करने की हिदायत दी गई है ताकि जरूरत पड़ने पर महोत्सव के कुछ कार्यक्रम वहां भी आयोजित किए जा सके। इसी तरह जीडीए को निर्देश दिए गए हैं कि वे मुक्ताकाशी मंच के संचालन के लिए प्राइवेट पार्टी को इसे हैंडओवर करने की प्रक्रिया जल्द पूरा कर ले।
कोरोना संक्रमण की वजह से भीड़ न जुटे इसलिए बॉलीवुड नाइट नहीं कराने पर सहमति बनी है। मगर साथ ही समिति के कुछ सदस्यों ने बॉलीवुड के ही प्रसिद्ध गायक सोनू निगम को बुलाने का सुझाव दिया। दरअसल पिछले गोरखपुर महोत्सव में 40 लाख रुपये एडवांस लेने के बाद भी एक दिन महोत्सव का कार्यक्रम टलने की वजह से सोनू निगम आए नहीं।
पर्यटन विभाग ने उनसे रुपये की मांग की मगर उन्होंने वह भी नहीं लौटाया। कई बार नोटिस के बाद भी सोनू रकम लौटाने को तैयार नहीं। इसपर बैठक के दौरान चर्चा हुई कि उसी रुपये में उन्हें फिर से कार्यक्रम के लिए बुलाया जा सकता है। हालांकि अभी इसपर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। समिति के ही कुछ सदस्यों ने आशंका व्यक्त की सोनू निगम के आने पर भीड़ बहुत एकत्रित हो जाएगी जिससे कोरोना संक्रमण का खतरा रहेगा।
डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्थानीय कलाकारों को मौका मिल सके इसलिए इस बार छोटे स्तर पर गोरखपुर महोत्सव आयोजित करने की कोशिश की जा रही है। कोरोना संक्रमण की वजह से हर साल की तरह इस बार यह आयोजन बहुत भव्य नहीं होगा। बाहर के कलाकार या डांस ट्रुप नहीं बुलाए जाएंगे। सिर्फ स्थानीय कलाकारों को ही मंच साझा करने का मौका मिलेगा। आयोजन दो दिन करने पर भी विचार चल रहा है। तारीख को लेकर भी अभी अंतिम निर्णय नहीं हो सका है। प्रयास रहेगा कि मकरसंक्रांति के पहले ही इसका आयोजन हो।