बीए में थे कम नंबर
आरोपी ने बताया कि बीए की मार्कशीट में उसे 1800 में 748 नंबर मिले थे। मेरिट में आने के लिए उसे ज्यादा नंबर की आवश्यकता थी। लिहाजा उसने व उसके भाई ने 1800 में से 1325 नंबर की फर्जी मार्कशीट बनवा ली।
हिस्ट्रीशीटर था आरोपी का भाई लालबहादुर
पकड़े गए आरोपी का भाई लालबहादुर बेलीपार थाने का हिस्ट्रीशीटर व गैंगेस्टर था। माफिया विनोद उपाध्याय व उसके बीच में गोरखपुर के पीडब्ल्यू ऑफिस में गोलीबारी हुई थी, जिसमें विनोद उपाध्याय पक्ष के दो लोग मारे गए थे। बाद में लालबहादुर यादव की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसका आरोप माफिया विनोद उपाध्याय पर लगा था। बाद में विवेचना में विनोद का नाम बाहर आ गया था।