दिव्यांग मतदाताओं के साथ ही 80 साल से अधिक आयु वाले बुजुर्ग मतदाता भी इस विधानसभा चुनाव में घर बैठे अपने पसंदीदा उम्मीदवार को वोट दे सकेंगे। यही नहीं यदि कोई वोटर, कोरोना से पीड़ित हो जाता है तो उसे भी पोस्टल बैलेट से वोट डालने की सुविधा होती है।
बीएलओ द्वारा अपने क्षेत्र के दिव्यांगजन, बुजुर्ग मतदाताओं को प्रारूप- 12 डी उपलब्ध कराया जाएगा। पोस्टल बैलेट के लिए इच्छुक मतदाताओं से इसे भरवाकर प्राप्त भी किया जाएगा। इसके बाद विधानसभा के रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा अपने निर्वाचन क्षेत्र में पोलिंग पार्टी का गठन करते हुए इन मतदाताओं से उनके घर जाकर मतदान कराया जाएगा। इसके लिए पोलिंग पार्टी के साथ एक माइक्रो आब्जर्वर भी उपस्थित रहेगा।
| विधानसभा क्षेत्र | दिव्यांगजन | 80 वर्ष से अधिक उम्र के मतदाता |
| कैंपियरगंज | 911 | 7396 |
| पिपराइच | 1980 | 5311 |
| शहर | 2122 | 5311 |
| ग्रामीण | 1095 | 5746 |
| सहजनवां | 1773 | 8064 |
| खजनी | 3118 | 7775 |
| चौरीचौरा | 1606 | 6306 |
| बांसगांव | 2360 | 8045 |
| चिल्लूपार | 2232 | 6440 |
| कुल | 17197 | 61802 |
| विधानसभा क्षेत्र | मतदान केंद्र | मतदेय स्थल(बूथ |
| कैंपियरगंज | 230 | 461 |
| पिपराइच | 227 | 450 |
| शहर | 89 | 471 |
| ग्रामीण | 154 | 460 |
| सहजनवां | 293 | 453 |
| खजनी | 291 | 458 |
| चौरीचौरा | 214 | 397 |
| बांसगांव | 267 | 485 |
| चिल्लूपार | 312 | 511 |
| कुल | 2077 | 4126 |
जिले में मतदान के लिए 22500 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है। हालांकि वास्तविक जरूरत 18500 कर्मचारियों की है। इसमें 10 फीसदी अतिरिक्त कर्मचारी भी शामिल हैं। कर्मचारियों के ड्यूटी का निर्धारण कंप्यूटर से होता है, ऐसे में करीब 30 फीसदी अधिक कर्मचारी तैनात किए जाते हैं। जल्द ही सभी का प्रशिक्षण शुरू हो जाएगा।