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जिला अस्पताल: गर्मी से मरीज-तीमारदार बेहाल, कोई झल रहा हाथ का पंखा तो किसी ने लगा लिया फर्राटा

Wed, 14 Jun 2023 04:57 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।

सार

बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने के लिए उषा देवी मंगलवार की दोपहर भर्ती हुईं। गर्मी से परेशान होने पर उन्होंने अपने बेटे नीतेश से फर्राटा पंखा मंगवाया। हालांकि बिजली की सुविधा नहीं मिलने वह काफी देर तक पंखा लेकर इधर-उधर वार्ड में घूमते रहे।
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जिला अस्पताल के अर्थो पुरुष वार्ड में मरीज को हाथ पंखे से राहत देने का प्रयास करतीं तीमारदार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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बेतहाशा गर्मी से जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीज और उनके तीमारदार बिलबिला जा रहे हैं। गर्म हवा और पसीने से लथपथ लोग परेशान हैं। मरीजों के तीमारदार हाथ के पंखे झलकर काम चला रहे तो कुछ ने फर्राटा लगा लिया है। हर वार्ड में करीब-करीब यही हाल है। कई मरीज जल्दी छुट्टी (डिस्चार्ज) चाहते हैं। हालांकि, आधे अधूरे इलाज पर डॉक्टर उनको छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

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मंगलवार की दोपहर 01.45 बजे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के बेड नंबर 05 पर भर्ती मरीज राम कवल यादव के पास बैठीं उनकी बेटी मंजू यादव हाथ पंखा झलती नजर आईं। कमजोरी और कंपकंपी की शिकायत होने पर उन्हाेंने सुबह सात बजे ही अपने पिता को इमरजेंसी में दिखाकर भर्ती कराया है। 11 बजते-बजते वार्ड के पंखे की हवा बेअसर होने लगी तो उन्होंने हाथ पंखा मंगा लिया। मंजू का कहना है कि उनको लगा कि यहां तो कूलर होगा।

बेड नंबर 07 पर बुखार पीड़ित शंकर का उपचार चल रहा है। उनके बेड के ऊपर पंखा नहीं है। आसपास के पंखों से बहुत ही हल्की हवा उन तक पहुंच पा रही थी। इसलिए दफ्ती से नीता से अपने पिता को राहत पहुंचाने की कोशिश में लगी थीं। तीमारदार सुनीता, आकाश, महफूज सहित अन्य लाेगों ने बताया कि गर्मी इतनी तेज हैं कि पंखे काम नहीं कर रहे हैं।
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आर्थो पुरुष वार्ड में दोपहर 2.02 बजे कमोवेश यही स्थिति नजर आई। छत वाले पंखों की हवा काम लायक नहीं थी। कई लोगों ने अपने टेबल फैन लगा लिए हैं। बेड नंबर 15 पर भर्ती रामचंद्र चौहान के बाएं पैर की हड्डी टूटी है। पांच दिनों से उपचार चल रहा है। उनके बेड के पास ही फर्राटा पंखा लगा मिला।

रामचंद की देखभाल के लिए मौजूद सास धर्मा देवी ने बताया कि गर्मी बर्दाश्त नहीं हो रही थी। इसलिए पंखा लगवा लिया। इसी वार्ड में उपचार करा रहे महावीर छपरा के राहुल हाथ से पंखा झलते नजर आए। बेड नंबर 29 नंबर के मरीज नगवा के रिंकू, बेड नंबर 22 के मरीज नीरज सहित अन्य मरीज और उनके तीमारदार हाथ पंखा चला रहे थे।

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पंखा काम करी? कूलर लगवावे के चाहीं

टूटे पैर का उपचार करा रही खजनी की बुजुर्ग धर्मा देवी आर्थो वार्ड दोपहर 2.22 बजे हाथ पंखा चलाती नजर आईं। गर्मी के संबंध में पूछने पर बोली लगी नाही, इतना गर्मी कब्बो पड़ रहल। बहरे धूप बा। इहां पखा काम करी। अरे तू लोग के कूलर लगवाके चाहीं, त आकर बात करत। उनकी बात पर अगल-बगल के तीमारदार मुस्कुराने लगे।

इसी वार्ड में बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने के लिए उषा देवी मंगलवार की दोपहर भर्ती हुईं। गर्मी से परेशान होने पर उन्होंने अपने बेटे नीतेश से फर्राटा पंखा मंगवाया। हालांकि बिजली की सुविधा नहीं मिलने वह काफी देर तक पंखा लेकर इधर-उधर वार्ड में घूमते रहे।

बर्न वार्ड में एसी, खाली बेडों पर तीमारदार फरमा रहे आराम
जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में कुल चार मरीज भर्ती थे। खाली बेडों पर उनके तीमारदार आराम फरमाते नजर आए। इस वार्ड में एसी चलने से राहत थी। कम मरीज और भीड़ नहीं होने की वजह से एसी का असर नजर आ रहा था।

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तीमारदारों ने बताया कि एसी काम कर रहा है। साफ-सफाई और एसी चलने से बदबू नहीं आ रहा है। नहीं तो वार्ड में रहना मुश्किल हो जाता। लोगों से बातचीत करते देखकर ड्यूटी चैंबर में मौजूद नर्स नजदीक आ गईं। बिना अपना नाम बताएं बोली कि जो सही-सही होगा वही लिखिएगा।

मरीज राहुल ने कहा कि वार्ड में लगे पंखे से राहत नहीं मिल रही है। इसलिए, हाथ वाला पंखा चलाना पड़ रहा है। इस समय वार्ड में कूलर का इंतजाम होना चाहिए।

तीमारदार सच्चिदानंद ने कहा कि हम लोग सुबह से ही हाथ पंखा चला रहे हैं। इसी से थोड़ी राहत मिल पा रही। इस गर्मी में यदि कूलर लग जाए तो सभी मरीजों को राहत मिल जाएगी।



 
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