टूटे पैर का उपचार करा रही खजनी की बुजुर्ग धर्मा देवी आर्थो वार्ड दोपहर 2.22 बजे हाथ पंखा चलाती नजर आईं। गर्मी के संबंध में पूछने पर बोली लगी नाही, इतना गर्मी कब्बो पड़ रहल। बहरे धूप बा। इहां पखा काम करी। अरे तू लोग के कूलर लगवाके चाहीं, त आकर बात करत। उनकी बात पर अगल-बगल के तीमारदार मुस्कुराने लगे।
इसी वार्ड में बच्चेदानी का ऑपरेशन कराने के लिए उषा देवी मंगलवार की दोपहर भर्ती हुईं। गर्मी से परेशान होने पर उन्होंने अपने बेटे नीतेश से फर्राटा पंखा मंगवाया। हालांकि बिजली की सुविधा नहीं मिलने वह काफी देर तक पंखा लेकर इधर-उधर वार्ड में घूमते रहे।
बर्न वार्ड में एसी, खाली बेडों पर तीमारदार फरमा रहे आराम
जिला अस्पताल के बर्न वार्ड में कुल चार मरीज भर्ती थे। खाली बेडों पर उनके तीमारदार आराम फरमाते नजर आए। इस वार्ड में एसी चलने से राहत थी। कम मरीज और भीड़ नहीं होने की वजह से एसी का असर नजर आ रहा था।
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तीमारदारों ने बताया कि एसी काम कर रहा है। साफ-सफाई और एसी चलने से बदबू नहीं आ रहा है। नहीं तो वार्ड में रहना मुश्किल हो जाता। लोगों से बातचीत करते देखकर ड्यूटी चैंबर में मौजूद नर्स नजदीक आ गईं। बिना अपना नाम बताएं बोली कि जो सही-सही होगा वही लिखिएगा।
मरीज राहुल ने कहा कि वार्ड में लगे पंखे से राहत नहीं मिल रही है। इसलिए, हाथ वाला पंखा चलाना पड़ रहा है। इस समय वार्ड में कूलर का इंतजाम होना चाहिए।
तीमारदार सच्चिदानंद ने कहा कि हम लोग सुबह से ही हाथ पंखा चला रहे हैं। इसी से थोड़ी राहत मिल पा रही। इस गर्मी में यदि कूलर लग जाए तो सभी मरीजों को राहत मिल जाएगी।