गोरखपुर में नशीला पदार्थ पिलाकर कार, 15 हजार रुपये व कागजात चोरी करने के मामले में कैंट पुलिस ने शुक्रवार को अज्ञात आरापियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई डीआईजी के निर्देश पर किया है। कार मालिक ने गुरुवार को डीआईजी से मिलकर फरियाद की थी। पीड़ित के अनुसार, बीते नौ सितंबर 2021 को खुद को साइबर क्राइम ब्रांच का पुलिसकर्मी बताकर एक युवक ने कुशीनगर छोड़ने की बात कही और धर्मशाला के पास अपने एक साथी को बैठाया। बाद में कुशीनगर में चालक को अचेत अवस्था में छोड़कर कार लेकर फरार हो गया।
जानकारी के अनुसार, गीडा के हरैया निवासी सैफुद्दीन खान की कार को बीते नौ सितंबर को उनके गांव के ही मनौवर अली मांग कर ले गए थे। वह उसी दिन दोपहर गोरखपुर रेलवे स्टेशन होते हुए कुशीनगर के पडरौना जा रहे थे। तभी स्टेशन के पास एक युवक मिला और उसने खुद को साइबर क्राइम ब्रांच का बताया और कुशीनगर चलने के लिए लिफ्ट मांगा और धर्मशाला पुलिस चौकी के पास गाड़ी रोककर एक स्टाफ को बैठाया।
रास्ते में उसने एक पेट्रोल पंप पर तेल भरवाया और कुशीनगर के सुकरौली बाजार में रुककर भोजन किया। आरोप है कि कुशीनगर के हेतिमपुर के पास उसने चालक को कोल्ड ड्रिंक पिलाया। कुछ देर बाद चालक मनौवर अली अचेत हो गया। अगले दिन सुबह सात बजे जब मनौवर को होश आया तो वह कुशीनगर भगवान बुद्ध मंदिर के सामने एक चाय की दुकान के पास पड़ा था। कार गायब थी और उसके जेब में रखा गाड़ी का कागजात व 15 हजार रुपये तथा मोबाइल फोन गायब था।
मनौवर ने किसी तरह कार मालिक, डॉयल 112, कसया थानेदार व कुशीनगर चौकी पुलिस को सूचना दी। कार मालिक के अनुसार थानेदार कसया ने जब सुकरौली स्थित उस होटल का सीसीटीवी फुटेज चेक किया जिसमें मनौवर अली व उक्त दोनों आरोपी साथ दिख रहे हैं। कार मालिक सैफुद्दीन खान ने डीआईजी को बताया कि इसके बाद कुशीनगर पुलिस मामले को गोरखपुर का बताने लगी और यहां भेज दी। जिसके बाद वह कैंट थाने व रेलवे स्टेशन चौकी की पुलिस के पास गया। यहां की पुलिस ने भी पहले जांच की फिर बाद में घटनास्थल कुशीनगर का बताकर वह वहां जाने की सलाह दे दी और मुकदमा दर्ज नहीं किया।
तभी से कार मालिक कार्रवाई के लिए कुशीनगर के कसया थाने व गोरखपुर के कैंट थाने का चक्कर लगा रहा था। डीआईजी के निर्देश पर शुक्रवार को कैंट पुलिस ने कार मालिक सैफुद्दीन की तहरीर के आधार पर अज्ञात पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।