शहर के यातायात के संबंध में अधिकारियों के साथ बैठक करते डीआईजी।
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गोरखपुर शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारने और जाम से निजात दिलाने के लिए अब डीआईजी जे. रविंद्र गौड़ ने एक नई व्यवस्था बनाई है। इसे जल्द लागू करने की तैयारी है। नई व्यवस्था के तहत शहर में डीजल ऑटो और मैजिक की इंट्री बंद की जाएगी। लखनऊ और वाराणसी की ओर से आने वाली बसों को नौसड़ बस स्टैंड पर रोका जाएगा। सड़कों में बेवजह बने कट बंद किए जाएंगे। यातायात पुलिस की जिम्मेदारी तय की जाएगी। सड़क पर अतिक्रमण करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डीआईजी जे. रविंद्र गौड़ ने एसपी सिटी सोनम कुमार, एसपी ट्रैफिक प्रभा के साथ ही यातायात पुलिस की मौजूदगी में शहर में जगह-जगह लगने वाले जाम की वजह तलाशी है। डीआईजी ने संवेदनशील जगहों की पहचान करते हुए खामियों को तत्काल दूर करते हुए यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया है।
डीआईजी ने कहा कि लखनऊ, वाराणसी की तरफ से आने वाली बसों को नौसड़ बस अड्डे से आगे न बढ़ने दिया जाए। अन्य बसों को रेलवे बस अड्डे के अंदर खड़ी कराने की व्यवस्था की जाए। शहर के प्रमुख 45 चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस को मुस्तैद किया जाए। इसके लिए तीन श्रेणियों में ड्यूटी लगाने का आदेश दिया है।
डीआईजी ने निर्देश दिए हैं कि सड़कों में बने बेवजह के कटों को बंद किया जाए। यातायात निरीक्षक, उपनिरीक्षक का कार्यक्षेत्र निर्धारित करके उनकी जिम्मेदारी तय की जाए। सड़कों पर लगने वाले ठेले और खोमचे वालों को सड़क के किनारे व्यवस्थित तरीके से लगाने को कहा जाए। न मानने पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
डीआईजी ने दिए ये निर्देश
- मोहद्दीपुर से कूड़ाघाट तक के डिवाइडर में बने अनावश्यक कटों को बंद किया जाए। ट्रांसपोर्ट नगर से हर्बर्ट बंधा के बीच लक्की क्रेन के सामने तक के कट बंद किए जाएं। रोडवेज पुलिस बूथ से महाराणा प्रताप की प्रतिमा तक डिवाइडर में बने कट बंद किए जाएंगे। इंडस्ट्रियल मोड़ पर डिवाइडर के कट को बंद कर सामने कट बनाने के लिए पत्राचार किया जाए।
- थाने-चौकी वाले ठेले-खोमचे वालों को सड़क से पीछे व्यवस्थित तरीके से खड़ा होने को कहें। ठेले और खोमचे वालों के नाम पता नोट किए जाएं। अगर कोई ठेला-खोमचा वाला यातायात बाधित करता है तो उसके विरुद्ध धारा-34 पुलिस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाए। यदि कोई सड़क पर अतिक्रमण करता है तो धारा-133 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की जाए।
- रोडवेज की बसों के संबंध में क्षेत्रीय परिवहन निगम गोरखपुर से वार्ता कर वाराणसी व लखनऊ की तरफ से आने वाली बसाें को नौसड़ बस अड्डे पर रोका जाए। देवरिया डिपो की बसें अक्सर रोडवेज बस स्टैंड के बाहर रोड पर खड़ी रहती हैं, जिनसे यातायात बाधित होता है, इन्हें रोडवेज डिपो के अंदर खड़ी कराया जाए।
- शहर की यातायात व्यवस्था को संचालित करने के लिए 45 चौराहों पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगती है, जिन्हें तीन श्रेणी ए, बी, सी में बांटा गया है। ए श्रेणी के चौराहों पर ड्यूटी सुबह 8.00 बजे से रात 12.00 बजे तक रहेगी। इस दौरान पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात होगा।
- नो-एंट्री पर ड्यूटी सुबह 6.00 बजे से रात 10 बजे तक रहेगी। यातायात निरीक्षक व उपनिरीक्षक यातायात का कार्यक्षेत्र निर्धारित होगा। शहर में जिन-जिन स्थानों पर वन-वे व्यवस्था लागू है, उनका अनुपालन कराया जाएगा। जहां आवश्यकता होगी उन स्थानों को चिह्नित कर वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी।
- डीजल ऑटो और मैजिक का शहर में प्रवेश बंद किया जाएगा। अगर कोई प्रवेश करता है तो उसके विरुद्धएमवी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।
- शहर में कहीं भी जाम लगता है तो जाम किस कारण लगा, कितनी देर लगा, उसका निराकरण किया जाए और योजना बनाई जाए।
- शहर में सड़क का निर्माण कराने पर कार्यदायी संस्था को समय पर यातायात कार्यालय को सूचना देनी होगी।
पहले भी जाम से निजात की हुई थी पहल
जाम से निपटने के लिए एडीजी अखिल कुमार ने भी करीब छह माह पहले पहल की थी। मोहद्दीपुर चौराहे से इसकी शुरुआत करते हुए उन्होंने अन्य चौराहे पर एक कॉरिडोर का बनाने के लिए कहा था, ताकि बाईं तरफ जाने वाले लोगों को रुकना न पड़े। लेकिन कुछ दिन बाद ही यह आदेश कागजों में सिमट कर रह गया। इसके बाद एक बार फिर एडीजी ने एसपी ट्रैफिक को बुलाकर ठेले, खोमचे वालों को चौराहे से दूर हटाकर यातायात दुरुस्त करने का निर्देश दिया था, लेकिन इस पर भी अधिक काम नहीं हो पाया। डीएम ने भी जाम से निपटने के लिए पार्किंग व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश दिया था। इस पर काम हुआ। सिटी माल, जीडीए कांप्लेक्स, जलकल बिल्डिंग में पार्किंग शुरू की गई।
डीएम ने अगस्त 2020 में ही दिए थे नौसड़ से बस संचालन के निर्देश
रोडवेज बसों के सड़क पर खड़े होने के कारण बस स्टेशनों के सामने जाम लगने की समस्या के मद्देनजर तत्कालीन डीएम के विजयेंद्र पांडियन ने अगस्त 2020 में नई व्यवस्था की थी। इसके तहत शहर के बाहर स्थित नौसड़ बस स्टेशन से बसों के संचालन की व्यवस्था बनाई गई थी। इस संदर्भ में परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को आदेश भी जारी किया था, लेकिन परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके तिवारी ने यह कहते हुए नौसड़ बस स्टेशन से बसों का संचालन नहीं करवाया कि इससे यात्रियों को दिक्कत होगी। उन्होंने यह वादा किया था कि बसों का संचालन बस स्टेशन के भीतर से ही कराया जाएगा। बसें सड़क पर नहीं खड़ी होंगी।