केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने गोरखपुर शहर को ओडीएफ प्लस-प्लस (++) श्रेणी का शहर घोषित कर दिया है। स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत किए गए इस सर्वे में केंद्रीय एजेंसी आईक्यूबिया ने शहर में नगर निगम के दावों की हकीकत जांची थी। इसके बाद शुक्रवार को शहरी विकास मंत्रालय ने परिणाम घोषित किया।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह के मार्गदर्शन में नगर निगम स्वच्छ सर्वेक्षण की रैंकिंग में सुधार करने में जुटा है। पहली सफलता गोरखपुर शहर को ओडीएफ ++ श्रेणी का शहर घोषित होने के रूप में मिली है। सहायक नगर आयुक्त डॉ. मणि भूषण तिवारी ने बताया कि इस परिणाम के बाद स्वच्छ सर्वेक्षण में शहर की रैंकिंग बेहतर होने की संभावना है। क्योंकि ओडीएफ श्रेणी में प्लस-प्लस की श्रेणी हासिल करने के बाद शहर को स्वच्छ सर्वेक्षण में 800 अंक हासिल हो गए हैं। पिछली बार मात्र 400 अंक हासिल हुए थे।
दरअसल, महानगर में स्थित सभी सामुदायिक, सार्वजनिक एवं पिंक शौचालय के संचालकों द्वारा जनता को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करने का प्रयास किया गया। जिसके फलस्वरूप स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 में केंद्रीय टीम के निरीक्षण के बाद नगर निगम गोरखपुर को ओडीएफ++की श्रेणी प्राप्त हुई है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि सभी अधिकारियों, कर्मचारियों एवं शौचालय संचालकों को इसके लिए बधाई और शुभकामनाएं। महानगर में शौचालय संबंधित सेवाओं को और भी उत्कृष्ट किया जाएगा, ताकि जनता को और भी अधिक सहूलियत मिल सके। साथ ही नगर निगम गोरखपुर को स्वच्छ सर्वेक्षण 2023 में शौचालयों की उत्कृष्ट सेवा के प्रोटोकाल को पूर्ण कर वाटर प्लस की श्रेणी में लाया जा सके।