श्रीति के पिता महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के प्रबंधक मंकेश्वर पांडेय ने बेटी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए बताया कि प्रयोग आधारित उद्योग स्थापित करने के लिए जमीन चिह्नित कर ली गई है। सरकारी औपचारिकताओं को पूरा करने के बाद यह कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
श्रीति ने गेहूं के डंठल, धान के पुआल और भूसे से कंप्रेस्ड एग्री फाइबर पैनल बनाया है। इस पैनल से मकान तैयार करने पर लागत काफी कम आती है। साथ ही यह काफी टिकाऊ होते हैं। इसके इस्तेमाल से पर्यावरण भी अनुकूल रहता है और भवन भी काफी ठंडा रहता है। डंठल और पुआल का निस्तारण न हो पाने की स्थिति में किसान उसे जला देते हैं। इससे भूमि की उर्वरा शक्ति तो प्रभावित होती ही है, पर्यावरण भी दूषित होता है।