जुकी कंपनी के पूर्वोत्तर रीजनल मैनेजर बसंत दुकलान ने कहा कि गारमेंट सेक्टर में गुणवत्ता के साथ टाइमिंग का काफी महत्व होता है। थोड़ी सी देरी पर कंपनी की साख खराब होती है। ऐसे में प्लांट काफी हद तक आटोमाइज्ड होना चाहिए। अंतरराष्ट्रीय मानक के अनुसार उत्पाद तैयार करने के लिए जरूरी है कि एररलेस टेक्नोलॉजी स्थापित की जाए। फैक्ट्री को टेक्नोलॉजी आधारित रखना चाहिए, ताकि कारीगरों की गैर मौजूदगी में प्रोडक्शन प्रभावित न हो और आर्डर की डिलीवरी निर्धारित अवधि में कर दी जाए।
10 से 12 लाख में मिल जाती है फिनिशिंग मशीन : मनीष
रैमसन गारमेंट फिनिशिंग इक्यूपमेंट के शाखा प्रमुख मनीष माथुर ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट के किसी भी उत्पाद को फिनिशिंग देना सबसे महत्वपूर्ण होता है। 10 से 12 लाख रुपये के भी उपकरण हैं, जिनसे कोई भी उद्यमी रेडीमेड गारमेंट की छोटी यूनिट लगा सकता है। इसके अलावा कॉटन से लेकर सिंथेटिक कपड़ों के अलग-अलग आयरन होते हैं, जो किसी भी शर्ट और जींस तैयार करने वाली कंपनी के लिए बहुत जरूरी है।
निर्यात के लिए आईएसआई प्रमाणपत्र जरूरी : विवेक
क्वालिटी कंट्रोल विशेषज्ञ विवेक अग्निहोत्री ने कहा कि किसी भी उत्पाद के निर्यात के लिए उसका आईएसओ सर्टिफिकेशन जरूरी होता है। विदेशों में कच्चे माल से लेकर फिनिशिंग इक्यूपमेंट तक प्रदूषण मुक्त होना जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति रेडीमेड गारमेंट उत्पाद का निर्यात करना चाहता है तो वह फैक्ट्री में इसकी जांच कर सकता है या किसी मान्यता प्राप्त एजेंसी से प्रमाणित करा सकता है।
उपायुक्त उद्योग आरके शर्मा ने बताया कि ओडीओपी योजना के तहत सरकार की ओर से सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। 25 लाख रुपये के लोन पर 6.25 लाख रुपये की सब्सिडी मिल सकती है। वहीं, 10 लाख रुपये तक का लोन बिना गारंटी के मिल सकता है। हालांकि, लीड बैंक मैनेजर रामाधार ने कहा कि केवल दो लाख रुपये तक कोलेटरल फ्री लोन का प्रावधान है।
टेक्सटाइल पार्क के लिए दी जाएगी 50 एकड़ जमीन: सीईओ
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) के सीईओ संजीव रंजन ने कहा कि सरकार ने रेडीमेड गारमेंट को ओडीओपी के दूसरे उत्पाद के रूप में मान्यता देकर ऐतिहासिक पहल की है। पूर्व में गोरखपुर की पहचान टेराकोटा उत्पाद से ही थी, लेकिन दिक्कत यह थी कि इसके शिल्पकार ओडीओपी संबंधी सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
ऐसे में सरकार ने गोरखपुर की पहचान के तौर पर टेक्सटाइल सिगमेंट में रेडीमेड गारमेंट को ओडीओपी के रूप में मान्यता दी है। सरकार की मंशा के अनुसार गीडा प्रशासन रेडीमेड गारमेंट की फैक्ट्रियां स्थापित करने के लिए 50 एकड़ जमीन उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने उद्यमियों को सुझाव दिया कि बाजार के बदलते ट्रेंड के अनुरूप उद्यमी अपने आपको बदलें और ऑनलाइन प्लेटफार्म पर खुद को स्थापित करें।
इनकी रही मौजूदगी
संयुक्त आयुक्त उद्योग आशुतोष त्रिपाठी, एसके अग्रवाल, प्रवीण मोदी, आरएन सिंह, ज्योति मसकरा, आकाश जालान, संतलाल भीमसरिया, उमेश छापड़िया, इश्तियाक अहमद, विजाहत करीम, धीरज मसकरा आदि मौजूद रहे।