गोरखपुर जिले में बृहस्पतिवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के मुख्य नियंता प्रो. प्रदीप यादव, क्रीड़ा परिषद के एक अधिकारी व डॉक्टर सहित 118 में कोरोना के संक्रमण की पुष्टि हुई। इसमें शहर के 68 लोग हैं। वहीं कोरोना से दो की मौत भी हो गई।
सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी के मुताबिक जिले में संक्रमितों की कुल संख्या 14638 हो गई है। अब तक 223 की मौत हो चुकी है।1376 सक्रिय रोगी हैं। संक्रमितों में एम्स का एक छात्र व फर्टिलाइजर के पांच लोग भी हैं। बृहस्पतिवार को कोरोना संक्रमण के नमूनों की जांच में 810 निगेटिव आए। बशारतपुर के सूड़िया कुआं निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति बाबा राघव दास (बीआरडी) मेडिकल में भर्ती थे। बुधवार को देर रात उनकी मौत हो गई। वहीं, शहर के रहने वाले 73 वर्षीय एक बुजुर्ग की मौत मेदांता, लखनऊ में हो गई।
गलती से पोर्टल पर चढ़ गई कोरोना निगेटिव की मौत
मियां बाजार निवासी मो. बशीर नौ सितंबर को पॉजिटिव आए थे। एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया। 18 सितंबर को फिर जांच की गई तो उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई। 21 सितंबर की देर रात उनकी मौत हो गई। अस्पताल प्रबंधन ने उनकी मौत की सूचना कोविड मरीजों के लिए बने शासन के पोर्टल पर अपलोड कर दी।
इस संबंध में अस्पताल के मैनेजर रमेश ने कहा कि पुरानी रिपोर्ट के आधार पर गलती से उनकी मौत की सूचना पोर्टल पर अपलोड हो गई है। इसे संशोधित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग से बात की गई है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने कहा कि मामला संज्ञान में है। पोर्टल से हटवा दिया जाएगा।
चीफ प्राक्टर का दायित्व संभालेंगे डॉ. प्रवीन
गोरखपुर विश्वविद्यालय के चीफ प्राक्टर प्रो. प्रदीप यादव के संक्रमित होने बाद उनके पद की जिम्मेदारी नियंता मंडल के सदस्य डॉ, प्रवीन सिंह संभालेंगे।